Karela Ke Fayade In Hindi | करेले के फायदे और नुकसान

karela  आपको बतादे की करेला आमतौर पर एशिया आफ्रिका और कैरिबिया में पाई जाने वाली एक सब्जी है।  और इसका उपयोग आज से करीबन 600 साल पहले से होता आ रहा है। भारत में करेले को कई नामो से जाना जाता है।  ऐसे हिंदी में करेला तेलुगु में ककरकया तमिलिमे पावकाई मालयम में पावकाका हजालकाई कन्नड़ में गुजराती में करला मराठी में करले और बंगाली में कोरोला कहा जाता है। 

करेले के फायदे |

Benefits of bitter gourd करेले से रक्त साफ़ होता हैं। करेला शरीर के शुगर लेवल को कंट्रोल करता हैं। करेला आसानी से पच जाता हैं और पेट साफ़ करने में सहायक होता हैं। करेला गर्मी में मिलता हैं अत: यह एक शीतल सब्जी हैं जो पेट की गर्मी को खत्म करता हैं और पाचन तंत्र को ठीक करता हैं|यह कफ को खत्म करने में भी सहायक होता हैं

पाचन तंत्र तदुरुस्त करने में करेले का योगदान |

karela – शरीर के पाचन तंत्र तदुरुस्त करने में karela का योगदान अेव ति उत्तम माना जाता है। करेला गर्मी के समय में खाने की सब्जी है। लेकिन अब तो करेला 12 महीने मिलता है करेला को हल्की सब्जी माना जाता है। और तो और यह सब्जी आसानी से पचन हो जाती करेले में एंटीऑक्सीडेंट होता हैं जिससे शरीर में ऑक्सिजन का लेवल बढ़ता हैं जिससे भोजन आसानी से टूटता हैं और शीघ्र पचता हैं इस तरह जिसे पाचन क्रिया में राहत चाहिये। उसे रोजाना करेले का सेवन करना चाहिये। 

इसे भी पढ़े : आँखों की कमजोरी के लक्षण हिंदी में

| Benefits of karela for diabetes diseases

करेला सबसे ज्यादा मधुमेह के रोगों के लिए फायदेमंद होता हैं। मधुमेह रोगियों को ज्यादातर करेला की सब्जी खानी चाहिए और अगर करेला के जूस को निकाल कर उसका सेवन करने से मधुमेह के रोग में राहत मिलती है।  लेकिन सामान्यत karela को सुखाकर उसका पावडर भिन्न- भिन्न रूप में खाने को दिया जाता हैं |

सुबह जल्दी उठकर चुटकी भर करेले के पाउडर को एक चम्मच शहद के साथ खाने से बॉडी शुगर कण्ट्रोल होती हैं।  करेले से बॉडी मेटाबोलिज्म कंट्रोल रहता हैं जिससे शरीर के सभी तंत्र सही तरह से कार्य करते हैं साथ ही पाचन क्रिया अच्छी होने से उससे जुड़ी सभी परेशानियाँ कम होती हैं | इसका रस बनाकर पिने से भी यह बहुत फायदा करता हैं

मोटापे को दूर करने में करेले का उपयोग |

मोटापे को दूर करने में करेले का उपयोग अति उत्तम है क्योकि करेले में एंटीऑक्सीडेंट बहुत ज्यादा मात्रा में होते हैं उसीकी वजह से ये शरीर के हानिकारक एवम जहरीले तत्वों को मल मूत्र के जरिये शरीर से बाहर निकालता हैं। इसके लिए करेले के रस में कुछ बूंद नींबू की मिलाकर सुबह के वक्त लिया जाता हैं इसे हफ्ते में 3 बार लेना भी फायदेमंद होता हैं यह शरीर के मेटाबोलिज्म को बढ़ाता हैं इससे उपापचय की क्रिया दुरुस्त होती हैं जो पाचन तंत्र को सामान्य करती हैं यही कारण हैं कि इससे वजन नियंत्रित रहता हैं। 

| Relief from karela in joint pain

आज कल जोड़ो के दर्द की समस्या हर चौथे व्यक्ति को होती हैं इसके लिए अगर करेलेकी पत्ती के लेप को जोड़ो पर लगायें तो रोगी को राहत मिलती हैं। इसके लिए करेले और तिल के तेल को समाना मात्रा में मिलाकर तेल तैयार किया जाता हैं और इससे मालिश करने पर दर्द में फायदा मिलता हैं। 

इसे भी पढ़े : पेशाब में शुगर के लक्षण हिंदी में 

| Benefits of karela for eyes

आँखों की कमजोरी को दूर करने के लिए करेला खाना बहुत ही लाभ दायक है.क्योकि करेले में से विटामिन A प्राप्त होता है और विटामिन A आँखों के लिए बहुत ही फायदे मंद है।  इसके इस्तेमाल से रतौंधी जैसे रोग ठीक होते हैं ऐसा रोग जिसमे रोगी को दिन ढलते ही बहुत कम दीखता हैं करेले को काली मिर्च के साथ लेने से यह आँखों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता हैं। 

कब्ज में करेले से राहत |

करेला का सेवन करने से कब्ज में राहत मिलती हैं और तो और करेला का नियमित सेवन करने से पाचन शक्ति में भी सुधार आता है इसमें फाइबर भी ज्यादा मात्रा होता हैं और इस से पेट साफ़ रहता हैं। रोजाना करेले को सब्जी, रस या चूर्ण  रूप में खाने से कब्ज जैसे रोगों में राहत मिलती हैं। 

करेले केे पोषक तत्व |

करेला का नाम सुनते ही मन में कड़वेपन का ख्याल आ जाता है। करेला भले ही कड़वा हो लेकिन साथ ही साथ सेहत के लिए बहुत ही लाभ दायक है। karela का रंग हरा और गहरे हरे होता है और तो और करेले में एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी विटामिन A भरपूर मात्रा में प्राप्त होता है करेले का सेवन कई तरीको से कर सकते है।

करेले का जूस भी निकाल कर पिया जा सकता है। और तो और करेले का अचार भी बना सकते हैं या फिर इसका उपयोग सब्जी के रूप में कर सकते हैं। karela का नूट्रिशनल वैल्यू: करेले में प्रचूर मात्रा में विटामिन A, B और C पाए जाते हैं। इसके अलावा कैरोटीन, बीटाकैरोटीन, लूटीन, आइरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मैगनीज जैसे फ्लावोन्वाइड भी पाए जाते हैं।

करेला बहुत ही कड़वा होने की वजह से अनेक व्यक्ति करेले का सेवन नहीं करते है । और यह शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है । स्वस्थ रहने के लिये कई सारे फल खाना जरुरी है उसी तरह कड़वे रस की जरूरत भी शरीर को होती है। स्वस्थ शरीर के लिये रस की उचित मात्रा की जरूरत होती है। इसमें से किसी भी रस के अभाव होने पर शरीर में विकार उत्पन्न हो जाते हैं। करेला वात विकार, पाण्डु, प्रमेह एवं कृमिनाशक होता है।

करेले की सब्जी खाने से क्या फायदा |

करेले के फायदे और नुकसान हिंदी में - Karela Ke Fayade In Hindi

करेले से कमजोरी दूर होती है और जलन कफ सांसों से संबंधित विकार में karela benefits मिलता है। चिड़चिड़ाहट सुजाक बवासीर आदि में भी करेले से फायदा मिलता है। करेला के बीज घाव आहार नलिका तिल्ली विकार और लिवर से संबंधित समस्याओं में करेला लाभदायक होता है

करेला जूस के फायदे |

Karela Ke Fayade In Hindi - करेले के फायदे और नुकसान हिंदी में

benefits of karela juice करेले का जूस सेहत और स्किन के लिए फायदेमंद है। एक स्टडी के अनुसार, करेले का जूस मोटापा कम करने में मदद करता है। करेले का जूस ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। करेले का जूस कैंसर पथरी किडनी की पथरी निकालने में भी सहायक है। करेले का जूस आंखों के लिए भी फायदेमंद माना गया है। 

इसे भी पढ़े : मंजिष्ठा खाने के फायदे और उपयोग हिंदी में 

करेले में कौन सा रसायन होता है |

करेले का इस्तेमाल एक नेचरल स्टेरौयड के रूप में किया जाता है क्योंकि इसमें केरेटिन नामक रसायन होता है जो खून में शुगर का स्तर नियंत्रित रखता है करेले में मौजूद ओलिओनिक ऐसिड ग्लूकोसाइड शुगर को खून में न घुलने देने की क्षमता रखता है

करेला कब नहीं खाना चाहिए |

करेले के फायदे और नुकसान हिंदी में - Karela Ke Fayade In Hindi

प्रेग्नेंट महिलाओं को करेला नहीं खाना चाहिए। करेले के बीज में मेमोरचेरिन होता है जो बच्चे के लिए हानिकारक होता है। प्रेग्नेंसी में करेला खाने से गर्भपात भी हो सकता है। बच्चों को करेला वैसे भी पसंद नहीं होता है और इसे उन्हें खिलाना भी नहीं चाहिए क्योंकि इसमें पाया जाने वाले लाल बीज उनके लिए नुकसानदायक होता है

करेले का जूस कब पीना चाहिए |

कब पिएं करेले का जूस वैसे तो कभी भी करेले का जूस पीने से karela benefits ही होता है  लेकिन सुबह खाली पेट इसे पीने से ज्यादा फायदा होता है। करेले का जूस अधिक मात्रा में नहीं पीना चाहिए। रोज सुबह एक कप करेले का जूस पिएं। इसके बाद एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाएं।

  1. करेले में कौन सी विटामिन होती है 

करेले में विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में पायी जाती है।

2. करेला का वैज्ञानिक नाम क्या है 

करेला का वैज्ञानिक नाम Momordica charantia है

3. कच्चा करेला खाने से क्या होता है 

1 करेले में फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह कफ कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है। इसके सेवन से भोजन का पाचन ठीक तरह से होता है और भूख भी खुलकर लगती है। 2 अस्थमा की शि‍कायत होने पर करेला बेहद फायदेमंद होता है।

करेले के गुण |

करेला मनुष्य के शरीर के लिए बहुत ही अच्छा और औषधीय गुणों का खजाना है। करेला हमारी पाचन शक्ति को भी बढ़ाता है और भूख को भी बढ़ाता है पचने में करेला हल्का होता है। गर्मी से उत्पन्न विकारों पर शीतल होने के कारण यह शीघ्र लाभ करता है| करेला बेशक खाने में कड़वा हो लेकिन इसके गुण बेहद मीठे हैं करेला एक ऐसी सब्जी है जो काफी सारी बीमारियों को दूर रखने में कारगर साबित होती है। आज हम आपको करेले के फायदों के बारे में बताने वाले हैं।

इसे भी पढ़े : योग कितने प्रकार के होते हैं हिंदी में

करेले के उपयोग |

  • करेले का उपयोग सब्जी बनाने में किया जा सकता है।
  • करेले का अचार भी बना सकते है।
  • करेले को पीस कर करेले का जूस भी पीने में किया सकता है।
  • बालो में करेले का जूस लगाया में भी किया जा सकता है

अगर आपके कान मे भी दर्द होता है तो आपको रोजाना करेले की रास के 4 – 4 बूंदे अपने कान के अंदर डालते रहे और ऐसा रोजाना करने से कान दर्द में आराम मिलेगा कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी को दूर कर ने के लिए आपको हररोज एक गिलास करेले का जूस पीना चाहिए क्योकि उसमे अग्नाशय कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाएं ख़त्म हो जाती हैं।

ऐसा इसलिए होता हैं क्यों कि करेले में मौजूद एंटी-कैंसर कॉम्पोनेंट्स अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं में ग्लूकोस का पाचन रोक देते हैं जिससे इन कोशिकाओं की शक्ति नस्ट हो जाती हैं और ये खत्म हो जाती हैं। करेले का जूस और करेले का फल जितना karela benefits दायक है

उतनी ही इसकी पत्तियां भी फायदेमंद होती है। इसका सेवन करने से पेट संबंधी समस्या दूर होती है। करेले के रोजाना सेवन से पथरी जैसी समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है और इस लिए नियमित रूप से करेले के जूस का भी सेवन करना चाहिए और तो और खली पेट भी आप करेले का जूस पि सकते है

करेले के नुकशान |

  1. प्रेगनेंसी में करेला न खाएं

स्त्री ओ को प्रेगनेंसी के समय करेले की सब्जी करेले का जूस बिलकुल नहीं खाना चाहिए क्योकि की करेले के बीज से प्राप्त होने वाला मेमोरचेरिन बच्चे के स्वास्थ को हानि पंहुचा सकता है प्रेगनेंसी में करेले का सेवन गर्भपात का भी कारण बन सकता है।

2. बच्चों को करेला कम ही खिलाएं

आप सभी लोग जानते हे की बच्चो को ज्यादातर करेला खाना बिलकुल पसंद नहीं होता है और आपको भी बच्चो को करेला नहीं खिलाना चाहिए क्योकि करेले के बीज से बच्चो की सेहत ख़राब हो सकती है कुछ मामलों में तो देखा जाता है कि बच्चे डायरिया और उल्टी के शिकार हो जाते हैं।

3. डायबिटीज के मरीज भी रहें सावधान

डायबिटीज के मरीज करेले का सेवन ब्लड शुगर को कम करने के लिए करते हैं लेकिन ज्यादा करेले का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। अधिक मात्रा में करेला खाने से डायबिटीज मरीजों को हीमोलाइटिस एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है।

4. लीवर की बीमारी में न खाएं करेला

जिस किसी को भी लिवर की बीमारी हो उन लोगो को बिलकुल भी करेले का सेवन नहीं करना चाहिये। फैटी लीवर हो या लीवर की अन्य बीमारी में केला खाने से नुकसान होने का डर रहता है। करेला में पाया जाने वाला लेक्टिन लीवर में प्रोटीन के संचार को रोकता और लीवर की समस्या और बढ़ सकती है।

लेक्टिन से लीवर में एंजाइम भी बढ़ने का खतरा होता है जो लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं। लो ब्लड शुगर लेवल से बहुत ही पीड़ित रोगियों और बच्चो को बिलकुल करेले का सेवन नही करना चाहिए। करेले के बीज में कुछ नुकशान दायक पदार्थ होते है जिससे गर्भपात होने की संभावना रहती है इसलिए लगातार करेले का सेवन नहीं करना चाहिए 

FAQ

Q : करेले के जूस से क्या क्या फायदे?

A : करेले का जूस सेहत और स्किन के लिए फायदेमंद है
एक स्टडी के अनुसार करेले का जूस मोटापा कम करने में मदद कर सकता है।
करेले का जूस ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद करता है।
करेले का जूस कैंसर पथरी किडनी और डाया की पथरी निकालने में भी सहायक है।
करेले का जूस आंखों के लिए भी फायदेमंद माना गया है।

Q : करेले की सब्जी खाने के बाद दूध पी सकते हैं क्या?

A : खासतौर पर खट्टे फलों को दूध के साथ नहीं खाना चाहिए। कुकी दूध और करेले एक साथ खाने से पाचन पर बुखार की असर पड़ता है। दूध और नींबू या दूध के साथ दूध का सेवन भी हानिकारक है। इन्हें एक साथ खाने से दाद खाज खुजली एक्जिमा और सोरायसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

Q : दूध और करेला खाने से क्या होता है?

A : इन सब्जियों को खाने के बाद दूध पीने से आपके चेहरे पर काले धब्बे हो सकते हैं। इसके अलावा इससे चेहरा काला भी पड़ सकता है। चेहरे पर एलर्जी या संक्रमण भी हो सकता है।

Q : करेले का जूस कितना पीना चाहिए?

A : 2 करेले में आधा कप पानी मिलाकर जूस बनाकर सुबह खाली पेट पिएं. इससे शुगर कंट्रोल में रहता है

Final word : तो फ़्रेन्ड उम्मीद करता हु की हमारा यह लेख आप को जरूर पसंद आया होगा तो दोस्त इसी तरह की जानकारी पाने के लिए हमरे साथ जुड़े रहियेर आपके मनमे कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताये 

इसे भी पढ़े : छाती में गैस के लक्षण और उपाय हिंदी में

Default image
Khemaraj__009
Hello दोस्तों मैं इस ब्लॉग का Founder और Writer हूँ। मेरी वेबसाइट के जरिये से आपको और आपके परिवार के लिए Health Tips के बारे में और उनसे जुडी कुछ टिप्स आपको को हम हिंदी भाषा में देते है।
Articles: 292