How To Use Veerasana In Hindi | वीरासन करने का तरीका | वीरासन के फायदे

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veerasana in Hindi वीरासन करने से आपको अनेक प्रकार के रोगों से छुटकारा मिल सकता हैं। इसके नियमित अभ्यास से आपको पाचन से संबंधित सभी प्रकार की “समस्या” में आराम मिले। गा। हीरो पोज़ आपके पेट में बनने वाली गैस को भी खत्म कर देता हैं। यह आसन वज्रासन के सामान हैं। अगर आप योग अभ्यास में नये हैं तो शायद आपको वीरासन को करने में थोड़ी से कठिनाई हो सकती हैं। पर इसके नियमित अभ्यास आप इसे आसानी से कर सकते हैं। आइये वीरासन करने के तरीके और इससे होने वाले लाभों को विस्तार से जानते हैं।

वीरासन क्या है | What is veerasana

वीरासन का अर्थ है बहादुर या साहसी। यह आसन योद्धा की वीरता को प्रदर्शित करता है इसलिए इसे वीरासन कहा जाता है। यह शरीर को शक्ति वीरता साहस सहन एवं दृढ़ता प्रदान करता है। इन फायदे के कारण ही इसको हेरोस virasana pose भी कहा जाता है। virasana yoga में इस आसन का बहुत महत्त्व है।

इसके अभ्यास से आप आध्यात्मिक की ओर बढ़ते हैं। योग शास्त्रों और योगियों ने इस आसन कि कुछ जायदा ही प्रशंसा की है| यह आसन आलस्य थकान और अतिनिद्रा को दूर करके स्फूर्ति शक्ति व प्रसन्नता प्रदान करता है। इसलिए विद्यार्थियों के लिए बहुत ही लाभकारी आसन है क्योंकि इस आसन के अभ्यास से विद्यार्थी बहुत कम नींद में भी अपने शारीरिक या मानसिक कार्य को पूरी दक्षता से कर सकता है।

वीरासन के फायदे | Benefits Of veerasana | supta virasana benefits

  1. महिला ओं के लिए
  2. पाचन तंत्र में
  3. घुटनों के मजबूत करने के लिए
  4. हिप्स को फ़ैलाने में मदद गार

1. महिला ओं के लिए

महिलाओं के लिए अनेक प्रकार से वीरासन लाभदायक होता हैं। यह रजोनिवृत्ति मासिक धर्म का बन्द होना जैसी समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए लाभदायक हैं। इसके साथ यह गर्भावस्था के दौरान पैरों की सूजन दूसरे तिमाही के माध्यम से को कम करता हैं।

2. पाचन तंत्र में

virasana हमारी पाचन क्रिया को मजबूत करता हैं और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता हैं। इस आसन के नियमित अभ्यास से पेट में बनाने वाली गैस से हमें छुटकारा मिलता हैं साथ ही यह अन्य पेट में होने वाली समस्या जैसे कब्ज अपच दस्त पेट के ऐंठन आदि के लिए आरामदायक होता हैं।

3. घुटनों के मजबूत करने के लिए

वीरासन करने के लिए आपको घुटनों पर जोर देके बैठना पड़ता हैं जिससे घुटने की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। की आपके के घुटनों के दर्द को खत्म करता हैं और इसके साथ उनको मजबूत भी करता हैं।

4. हिप्स को फ़ैलाने में मदद गार

आज के दौर में हर लड़की अपने हिप्स को बड़ा करना चाहती है। वीरासन कूल्हों को बड़ा करने के लिए एक अच्छा आसन है। इसके अलावा यह आसन नियमित अभ्यास से आपकी जांघों को फैलाने में भी मदद करता है।

वीरासन करने का तरीका | veerasana karane ka tareeka

virasana images

प्रत्येक व्यक्ति virasana के लाभ को जानकर इस आसन को करना चाहता हैं। मानव शरीर को स्वस्थ रखने के लिए यह बहुत अच्छा आसन है। इस आसन को करने के लिए आपके पैरों को लचीला होना चाहिए। आइये इस आसन को करने की virasana steps को विस्तार से जानते हैं।

  • वीरासन करने के लिए आप सबसे पहले किसी स्थान पर योगा मैट बिछा के घुटनों को टेक के बैठ जाएं या आप इसके लिए वज्रासन में भी बैठ सकते हैं।
  • पंजों को बाहर की ओर रखें।
  • अपने दोनों हाथों को सीधा करके दोनों घुटनों पर रखें।
  • अब अपने दोनों घुटनों को एक साथ लाएं ताकि आपके दोनों पैरों के बीच की दूरी बढ़ जाए यह।
  • दूरी आपके कूल्हों की चौड़ाई से adho mukha virasana होनी चाहिए ताकि आपके कूल्हे जमीन पर टिक सकें।
  • अपने दोनों बछड़ों को जाँघों से बाहर रखें।
  • अब धीरे-धीरे अपने कूल्हों को जमीन पर रखने की कोशिश करें।
  • अगर आपको अपने हिप्स को शूरुआत में जमीन पर रखने में कठिनाई होती हैं
  • तो आप किसी छोटे तकिये का प्रयोग अपने हिप्स के नीचे रखने के लिए कर सकते हैं।
  • सुनिश्चित करें कि आपको इस स्थिति में किसी प्रकार का दर्द या घुटने का दर्द महसूस न हो।
  • अब आप इस स्थिति में कम से कम 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें। अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्या होती हैं तो आप इस आसन को अपनी क्षमता के अनुसार कर सकते हैं।

वीरासन करने से पहले ये आसन करें

  1. बद्ध कोणासन
  2. बालासन

वीरासन करने के बाद ये आसन करें

  1. पद्मासन
  2. वकासन

वीरासन करने का टिप्स | veerasana karane ka tips

veerasana
  • शुरुवाती समय में जब आप पहली बार इसका अभ्यास करते है तो कूल्हों को फर्श पर टिकाते समय कठिनाई होती है।
  • और नीचे बैठते समय अपने कूल्हों के नीचे लकड़ी के क्यूब का इस्तेमाल करें ताकि आप उस क्यूब पर बैठ सकें और आसन आसानी से कर सकें।
  • इसलिए पहली बार अभ्यास करते समय अपने घुटनों के नीचे एक नरम मुलायम कपडा या कंबल का प्रयोग करे।
  • जब आप वीरासन में पारंगत हो जाए तो क्यूब को निकालकर आसन को सिद्ध करने का प्रयास करे।

वीरासन की विधि | veerasana ki method

  • दाईं बांह को छाती के सामने तानें तथा बाईं बांह को पीछे की ओर मोड़ें।
  • घुटने मोड़कर जमीन पर बैठ जाएं। बायां घुटना झुकाएं एवं बाएं पांव को पीछे की ओर फैलाएं।
  • अंगूठे भीतर की ओर मोड़कर मुट्ठियां बांधें।
  • धड़ को पूरी ताकत के साथ पीछे की ओर झुकाएं तथा बाएं पांव को सीधा रखें।
  • यह एक चक्र हुआ।
  • इस तरह से तीन से पांच चक्र तक करें।
  • दोनों आंखें खुली रखें तथा पलक नहीं झपकाएं।
  • इसी तरह से दूसरी तरफ से करें।

वीरासन की सावधानियां | veerasana Precautions

वीरासन को करने से पहले कुछ सावधानियां रखने बहुत ही आवश्यक हैं। जिससे आप इस आसन का अधिकतम लाभ उठा सकें।

  • अगर आपको इसे करने में परेशानी हैं
  • तो आप इस आसन को गद्दी या गोल तकिया पर बैठ के कर सकते हैं।
  • अगर आपके घुटनों में दर्द हैं तो आप इस आसन को ना करें।
  • यदि आपको ह्रदय से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कोई समस्या हैं। तो आप इस आसन को करने से बचें।
  • अगर इस आसन के दौरान आपको किसी भी प्रकार की पैरों में ऐंठन होती हैं।
  • तो आप तुरंत ही उस आसन को छोड़ दें जबरजस्ती इस आसन को करने का प्रयास ना करें।

वीरासन का वीडियो | veerasana ka video

https://www.youtube.com/watch?v=qgwf6Ti_uDk

FAQ

Q : वीरासन के क्या फायदे हैं?

A : जांघों घुटनों और टखनों को स्ट्रेच करता है।,मेहराब को मजबूत करता है।,पाचन में सुधार करता है और गैस से राहत देता है।,रजोनिवृत्ति के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है।,गर्भावस्था के दौरान पैरों की सूजन को कम करता है।,उच्च रक्तचाप और अस्थमा के लिए चिकित्सीय।

Q : वीरासन कैसे बनाते हैं?

A : बाएं घुटने को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें और हाथों को घुटने पर रखें, हथेलियां आपस में जुड़ी हुई हों। सांस छोड़ें और सांस भरते हुए हाथों को सिर के ऊपर उठाएं धीरे-धीरे गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं ताकि टकटकी छत की ओर हो और रीढ़ को पीछे की ओर झुकाएं। आसन बनाए रखें सामान्य रूप से सांस लें।

Q : विरासन क्या भोजन के बाद किया जा सकता है?

A : यह हमारे शरीर द्वारा पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण सुनिश्चित करता है। आमतौर पर किसी भी तरह का व्यायाम या योग खाना खाने के तुरंत बाद नहीं किया जाता है। लेकिन भोजन के बाद वज्रासन करना अच्छा होता है क्योंकि यह अपच में मदद करता है।

Q : क्या विरासन घुटनों के लिए हानिकारक है?

A : यदि आप किसी अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति के कारण घुटने के दर्द से पीड़ित हैं या हाल ही में घुटने की सर्जरी हुई है तो विरासन करने से बचें। गर्भवती महिलाएं विरासन कर सकती हैं लेकिन उन्हें अपने घुटनों के बीच अधिक गैप रखना चाहिए ताकि उनके पेट पर दबाव न पड़े।

Q : विरासन और वज्रासन में क्या अंतर है?

A : इसलिए दोनों आसनों के बीच मुख्य अंतर यह है कि वज्रासन वज्र में व्यक्ति पैरों की एड़ी पर बैठता है। और विरसाना हीरो मुद्रा में व्यक्ति पैरों के बीच में बैठता है।

Q : मैं वीरासन का अभ्यास कैसे कर सकता हूं?

A : जबरदस्ती मत करो,दर्द से बचें,योग सहारा का प्रयोग करें,धीरे-धीरे काम करें।,पैरों को पिंडली की सीध में रखें।,घुटनों को ज्यादा खींचने से बचें। पैरों को बाहर की ओर ले जाने पर जांघों को अंदर की ओर घुमाएं,एड़ियों को कूल्हों के पास रखें।

Disclaimer : How To Use veerasana In Hindi – तो फ़्रेन्ड उम्मीद करता हु की हमारा यह लेख आप को जरूर पसंद आया होगा तो दोस्त इसी तरह की जानकारी पाने के लिए हमरे साथ जुड़े रहिये और आपके मनमे कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताये।
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