वक्रासन क्‍या है | वक्रासन के फायदे | How To Use Vakrasana In Hindi

0
30

Vakrasana in hindi : वक्रासन एक महत्व पूर्ण योगासन है जिससे रीढ़ और शरीर को मजबूती मिलती है। वक्रता नीचे बैठने से होती है यह हमारे अंदर की थकान को दूर करने का काम करती है। इस योगासन को करने से शरीर की जड़ता दूर हो जाती है। तो आइये वक्रासन करने के फायदे और तरीके के बारे में जानते है।

वक्रासन क्‍या है | What Is Vakrasana

वक्रासन बैठ कर किये जाने वाले आसनों में एक महत्वपूर्ण आसन है। वक्रता शब्द वक्र “शब्द” से बना है जिसका अर्थ घुमावदार होता है। इस आसन में रीढ़ की हड्डी घुमावदार या घुमावदार होती है इसलिए इसका नाम वक्रासन पड़ा। यह आसन रीढ़ की गतिविधि को बढ़ाता है मधुमेह से आपको बचाता है डिप्रेशन में बहुत अहम भूमिका निभाता है।

वक्रासन कैसे करे | how to do vakrasana

वक्रासन क्‍या है | वक्रासन के फायदे | How To Use Vakrasana In Hindi
  • आप अपने पांवों को फैलाकर जमीन पर बैठें।
  • ध्यान रहे दोनों पैरों के बीच दुरी न हो।
  • बाएं पैर को घुटने से मोड़ें और उठाकर दाएं घुटने के बगल में रखें।
  • रीढ़ को सीधा रखें और सांस छोड़ते हुए कमर को बाईं ओर मोड़ें।
  • अब बाएं टखने को हाथ की कोहनी से अपनी ओर खींचे।
  • आप पैर को अपनी ओर इस तरह खींचे कि पेट में दबाव पड़े। अपने अनुसार योगासन बनाए रखें।
  • साँस छोड़ते हुए प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएँ।
  • यही क्रिया दूसरी ओर से दोहराएं।
  • इस तरह से आप 3 से 5 चक्र करें।

वक्रासन करने का तरीका | vakrasana karane ka tareeka

वक्रासन क्‍या है | वक्रासन के फायदे | How To Use Vakrasana In Hindi
  • vakrasana करने के लिए धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।
  • असुविधा होने पर इस आसन का अभ्यास न करें।
  • कंधों या घुटनों पर कभी भी जोर न लगाएं।
  • सुनिश्चित करें कि आप गर्म हैं और आपकी कोर मांसपेशियां सक्रिय हैं।
  • अगर आप बेचैनी या दर्द महसूस करते हैं, तो अपने ऊपर कोई दबाव न डालें।
  • धीरे-धीरे आसन का अभ्यास बंद कर दें और आराम करें।
  • पहली बार किसी योग्य योग गुरु की देखरेख में आसन का अभ्यास करें।

वक्रासन के फायदे | Benefits Of Vakrasana

  1. वजन को कम करने के लिए
  2. डायबिटीज को रोकने में फायदेमंद है
  3. शरीर को लचीला बनाता है
  4. पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में
  5. डायबिटीज के लिए

1. वजन को कम करने के लिए

इस योग के नियमित अभ्यास से आप अपनी पेट की चर्बी कम कर सकते हैं। जब इस योगाभ्यास को किया जाता है तो पेट में विशेष दबाव पड़ता है। इस yoga vakrasana को लंबे समय तक बनाए रखने से पेट की चर्बी को धीरे-धीरे कम करने में मदद मिलती है। यही नहीं आप पेट की दूसरी परेशानियों से भी निजात पा सकते हैं।

2. डायबिटीज को रोकने में फायदेमंद है

डायबिटीज या मधुमेह को रोकने के लिए vakrasana एक अति उत्तम योगाभ्यास है। यह अग्न्याशय को सक्रिय करता है और इंसुलिन की सही मात्रा को स्रावित करने में मदद करता है। इस तरह से यह डायबिटीज के कण्ट्रोल एवं प्रबंधन में अहम भूमिका निभाता है।

3. शरीर को लचीला बनाता है

वक्रासन का नियमित रूप से अभ्यास करने से शरीर लचीला बनता है और विशेष रूप से कूल्हे और रीढ़ को लचीला बनाता है। साथ ही यह आसन कंधों और गर्दन के लिए भी फायदेमंद होता है और शरीर को ऊर्जा से भर देता है।

4. पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में

इस आसन का अभ्यास करने से शरीर अधिक सक्रिय रहता है और भूख न लगने की समस्या भी दूर होती है। इस आसन को करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पाचन तंत्र मजबूत होता है और भूख भी समय पर लगती है।

5. डायबिटीज के लिए

आप सिर्फ yoga vakrasana करके मधुमेह को बहुत हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। यह आसन अग्न्याशय को स्वस्थ रखने के लिए इंसुलिन के उत्पादन में मदद करता है और मधुमेह के रोकथाम में अहम भूमिका निभाता है।

वक्रासन की विघि | method of Vakrasana

वक्रासन क्‍या है | वक्रासन के फायदे | How To Use Vakrasana In Hindi
  • योग मैट पर दंडासन में बैठ जाएं।
  • हल्का सा हाथों से जमीन को दबाएं।
  • सांस लेते हुए रीढ़ को फैलाएं।
  • बाएं पैर को दाएं घुटने के ऊपर जमीन पर रखें।
  • पैरों को बायें नितम्ब के पास जमीन पर रखें।
  • दाएं हाथ को बाएं पैर के ऊपर लाएं।
  • बाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें।
  • श्वास छोड़ते हुए धड़ को जितना संभव हो उतना मोड़ें।
  • आसन से बाहर निकलने के लिए सारे स्टेप्स को विपरीत क्रम में करें।
  • 30-60 सेकेंड के लिए मुद्रा में रहें।
  • यह सारे स्टेप्स फिर दूसरी तरफ भी दोहराएं।

वक्रासन कदम | Vakrasana Step

  • योगा मैट या फर्श पर सीधे बैठ जाएं ताकि रीढ़ की हड्डी जमीन से 90 डिग्री पर हो।
  • दोनों पैरों को आगे की ओर फैला देना चाहिए
  • दाहिने पैर को घुटने पर सीधा और फैलाकर मोड़ें और पैर को बाएं पैर के बगल में रखें।
  • हथेली को जमीन पर टिकाकर अपने दाहिने हाथ को पीछे रखें।
  • दाहिने पैर के साथ संरेखित करें लेकिन शरीर से दूर
  • सांस भरते हुए बाएं हाथ के कंधे को कोहनी को सीधा रखते हुए दाहिने पैर पर ऊंचा रखें।
  • सांस छोड़ते हुए दाहिने हाथ की ओर मुड़ें।
  • चेहरे को रिलैक्स रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें
  • 2 मिनट के लिए स्थिति पकड़ो।
  • आराम करें और मूल स्थिति में वापस आ जाएं।
  • दूसरी तरफ की स्थिति को दोहराएं।
  • एक गहरी साँस लो और आराम करो।

वक्रासन की सावधानियां | Precautions of Vakrasana

वक्रासन क्‍या है | वक्रासन के फायदे | How To Use Vakrasana In Hindi
  • रीढ़ की हड्डी में दर्द होने पर ये आसन न करें।
  • गंभीर बीमारी होने पर भी इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • दस्त और अस्थमा की समस्या होने पर यह आसन न करें।
  • अगर आपको कंधे के दर्द की समस्या है तो हाथ न उठाएं।
  • यदि आपके घुटने में दर्द या गठिया है तो बस दीवार के सहारे अभ्यास करें।
  • हृदय और उच्च रक्तचाप के रोगी इस आसन को न करें।
  • शुरुआत में वक्रता किसी योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें।
  • संतुलन बनने पर आप खुद भी ये आसन कर सकते हैं।
  • वक्रासन का अभ्यास शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

वक्रासन का वीडियो | Vakrasana Ka video

FAQ

Q : vakrasana benefits हैं?

A : यह पाचक रसों के स्राव को नियंत्रित करता है पाचन में सुधार करता है और कब्ज का मुकाबला करता है। यह पेट के अंगों की मालिश करता है और पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है। यह रीढ़ को लचीला बनाता है। यह पीठ को मजबूत करता है और पुरानी पीठ और कंधे के दर्द में मदद करता है।

Q : वक्रासन का अर्थ क्या है?

A : vakrasana yoga एक अद्भुत स्पाइनल ट्विस्ट पोज है। वक्रासन दो शब्दों से मिलकर बना है वक्र का अर्थ है मुड़ा हुआ और आसन का अर्थ है जब आप वक्रासन चरणों का अभ्यास करते हैं तो आप रीढ़ की एक उपयुक्त घुमाव का अनुभव करते हैं और इसलिए इसे आसान स्पाइनल ट्विस्ट पोज़ और हाफ स्पाइनल ट्विस्ट पोज़ के रूप में जाना जाता है।

Q : वक्रासन कैसा है?

A : अपने दाहिने हाथ को अपनी पीठ के पीछे और बाएं हाथ को दाहिने घुटने के ऊपर रखें अपने दाहिने टखने को पकड़ें। 3. जितना हो सके अपने दाहिने घुटने को धक्का दें और साँस छोड़ते हुए अपनी सूंड को दाहिनी ओर मोड़ें। जितना हो सके अपने बाएं हाथ से सहारा लें।

Q : वक्रासन के अंतर्विरोध क्या हैं?

A : कटिस्नायुशूल इस योग मुद्रा से साइटिका की नसों पर दबाव अधिक चोट पहुंचा सकता है क्योंकि शरीर के मुड़ने पर नसों पर दबाव पड़ता है। गर्भावस्था गर्भवती महिलाओं को इस योग मुद्रा से बचना चाहिए क्योंकि इससे पेट में परेशानी होगी और इसलिए यह मुद्रा गर्भाशय के लिए अच्छी नहीं है।

Q : वक्रासन कैसे करे?

A : दोनों हाथ घुटनों के ऊपर। इस आसन में घुटनों को मोड़कर इस तरह से बैठते हैं जाएं कि नितंब दोनों पैरों के बीच आ जाएं, दोनों पैरों के पंजों का आपस में मिलन हो और पैरों के बीच की दूरी भी बनी रहे। इस आसन को करने के लिए घुटनों को मोड़कर पंजों के बल सीधा बैठें।

Q : वज्रासन कितनी देर तक करना चाहिए?

A : इस आसन में पाँच मिनट तक बैठना चाहिए खासकर भोजन के बाद। नए अभ्यासियों के घुटनों जांघों और टखनों में इतना खिंचाव होगा कि वे इस आसन को करने से भी डरेंगे। लेकिन धीरे-धीरे कुछ समय बाद ऐसे लोग भी आसानी से वज्रासन करने लगते हैं.

Disclaimer :  How To Use Vakrasana In Hindi – तो  फ़्रेन्ड उम्मीद करता हु की हमारा यह लेख आप को जरूर पसंद आया होगा तो दोस्त इसी तरह की जानकारी पाने के लिए हमरे साथ जुड़े रहिये और आपके मनमे कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताये। 
इसे भी पढ़े :