गोमुखासन क्या है | गोमुखासन के फायदे | How To Use Gomukhasana In Hindi

Gomukhasana In Hindi एक संस्कृत का शब्द है जो दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है। पहला शब्द गौ का अर्थ गाय है और “दूसरा” शब्द मुख का अर्थ मुंह है। इस आसन का मतलब गाय के मुंह के “समान” होता है। इसे अंग्रेजी में काऊ फेस पोज के नाम से जाना जाता है। गौ शब्द का अर्थ प्रकाश भी होता है। इस आसन में जांघें और दोनों हाथ एक छोर पर पतले और दूसरे छोर पर चौड़े होते हैं। जिसके कारण वो गाय के मुख के समान दिखाई देते हैं। 

गोमुखासन क्या है | What Is Gomukhasana

yoga gomukhasana के विभिन्न आसनों में से एक गोमुखासन भी है। इस योगासन को हठ योग की श्रेणी” में गिना जाता है। गोमुखासन को इंग्लिश में काऊ फेस पॉज के नाम से जाना जाता है। यह दो शब्द गौ और मुख से मिलकर बना है। गौ का मतलब गाय और मुख का मतलब चेहरे है। इस आसन को करते समय जांघें और दोनों हाथ एक छोर से पतले और दूसरे छोर से चौड़े दिखाई देते है। कि इस आसन को गोमुखासन कहा जाता है।

गोमुखासन के 5 फायदे | 5 Benefits of Gomukhasana 

  1. हृदय को स्वस्थ रखे 
  2. मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए फायदेमंद है
  3. शरीर के लचीलेपन को बढ़ावा के लिए 
  4. मांसपेशियों की मजबूती रखे ने के लिए 
  5. तनाव और चिंता से राहत के लिए

1. हृदय को स्वस्थ रखे 

गोमुखासन के फायदे में हृदय को स्वस्थ रखना शामिल है। दरअसल इस आसन को करने से शरीर में रक्त के प्रवाह में सुधार होता है। इससे उच्च रक्तचाप की समस्या से बचा जा सकता है। उच्च रक्तचाप एक ऐसी स्थिति है। जो हृदय संबंधी समस्या को उत्पन्न कर सकती है। इस प्रकार यह आसन हृदय के लिए लाभकारी हो सकता है। 

2. मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए फायदेमंद है

अगर कोई नियमित रूप से योगासन करता है। तो मधुमेह जैसी समस्या परेशान नहीं कर सकती। वहीं अगर कोई मधुमेह से पीड़ित है तो गोमुखासन उनके लिए आशीर्वाद से कम नहीं है।gomukasana को करने से मधुमेह की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन कहता है। कि कुछ योग आसन करने से मधुमेह से कुछ राहत मिल सकती है। इन gomukhasana yoga में भी शामिल है। 

3. शरीर के लचीलेपन को बढ़ावा के लिए 

गोमुखासन करने से शरीर में लचीलापन आ सकता है। इसकी पुष्टि करने के लिए वैज्ञानिक ने शोध किया और इस शोध को बाद में नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी gomukhasana information की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया। शोध में 56 वर्ष की आयु की 56 महिलाओं को शामिल किया गया था।

इन सभी को सप्ताह में एक बार 90 मिनट के लिए हाथ योग दिया जाता था। gomukasana सहित कई प्रकार के योगासन थे। यह gomukhasana procedure लगभग 20 सप्ताह तक चलती है। इसके बाद इन महिलाओं के स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी में लचीलापन पाया गया। इस आधार पर माना जा सकता है कि गोमुखासन करने से शरीर में लचीला आ सकता है

4. मांसपेशियों की मजबूती रखे ने के लिए 

प्रतिदिन योगाभ्यास करने से सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि मांसपेशियों को भी मजबूती मिल सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर इस संबंध में भी एक रिसर्च पेपर प्रकाशित है। इसमें बताया गया है कि ऐसा कहा गया है कि 12 सप्ताह तक प्रतिदिन हठ योग करने से शरीर को कई लाभ हो सकते हैं। इन लाभों में मांसपेशियों की मजबूती भी शामिल है। इसी समय गोमुखासन भी उपरोक्त लेख या yoga benifit में शामिल है। इसलिए यह माना जाता है। कि गोमुखासन के फायदे मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए हो सकते हैं।

5. तनाव और चिंता से राहत के लिए

इस बात से लगभग सभी परिचित है कि तनाव और चिंता से छुटकारा पाने का सबसे बेहतर तरीका योग है। गोमुखासन करते समय होने वाली सांस से मन शांत होता है। यह सभी प्रकार के तनाव से छुटकारा दिला सकता है। तनाव से राहत मिलने से कई अन्य शारीरिक समस्याएं भी दूर होने लगती हैं।

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गोमुखासन कैसे करें | How to do Gomukhasana

images of gomukhasana

  • सबसे पहले आप अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं और अपने हाथ साइड में रखें।
  • बाएं पैर को घुटनों पर रखते हुए इसे दाएं नितंब की तरफ से जमीन पर रखें।
  • इसी तरह जब घुटने झुकते हैं। तो दाएं पैर को बाएं पैर के ऊपर लाएं और दाएं एड़ी को बाएं नितंब के पास रखें।
  • अब आप बाएं हाथ को उठाएं और इसको कोहनी से मोड़ते हुए अपने कंधों के पीछे ले जाएं।
  • हाथो को इस प्रकार रखे की पीठ के पीछे यह एक दूसरे से पकडे जा सके।
  • जितना संभव हो उतना आगे देखने की कोशिश करें और इसे आपके लिए आसान बनाएं।
  • अब अपने पेरों को बदलते हुए इसे दोबारा करने की कोशिश करे।
  • दाएं हाथ को उठाकर कोहनी से  मोड़ते हुए उपर की ओर पीठ के पीछे ले जाएं।
  • जितना हो सके शरीर को सीधा रखने की कोशिश करें।
  • इस तरह से आप इसको 3 से 5 बार करें।

गोमुखासन की विधि | Method of Gomukhasana

yoga gomukhasana को करने का तरीका बहुत सरल है। आप नीचे दिए गए तरीके को समझकर इस gaumukh aasan का बहुत सरलता का साथ अभ्यास कर सकते हैं।

  • बाएं पांव को घुटने से मोड़ें तथा दाएं नितंब (Buttocks) की बगल से जमीन पर रख लें।
  • अब अपने बाएं हाथ को ऊपर उठाएं और इसे कोहनी पर मोड़ें और कंधे से पीछे की तरफ नीचे करें।
  • दाहिने हाथ को उठाएं, इसे कोहनी से मोड़ें और पीछे की ओर ऊपर की ओर ले जाएं।
  • उसी तरह से दाएं पांव को घुटने से मोड़ें बाएं पांव के ऊपर से लाएं तथा दाईं एड़ी को बाएं नितंब  के पास रखें।
  • सबसे पहले आप दोनों पैरों को आगे की ओर फैला कर बैठ जाएं और हाथ को बगल में रखें।
  • दोनों हाथों की उंगलियों को पीठ पर इस तरह रखें कि वे एक-दूसरे से कनेक्ट हों।
  • जहाँ तक हो सके आगे देखने की कोशिश करें और अपने हिसाब से आसन को धारण करें।
  • अब सिर को कोहनी पर टिकाकर यथासंभव पीछे की ओर धकेलने का प्रयास करें।

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गोमुखासन करने का तरीका | Method of performing Gomukhasana

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  • एक समतल स्थान पर योग मैट बिछा लें और दंडासन की स्थिति में बैठ जाएं।
  • इस स्थिति में दोनों पैर सामने की तरफ फैला होंगे और हाथ शरीर से सटे हुए जमीन के पास रहेंगे।
  • फिर दाएं पैर को बाईं जांघ के नीचे से घुमाकर बाएं नितंब के पास जमीन पर रखें।
  • इसी तरह, बाएं पैर को घुटने से मोड़ें और इसे दाहिनी जांघ के ऊपर बाएं नितंब के पास जमीन पर रखें।
  • अब दाहिने हाथ को ऊपर उठाएं और कोहनी से पीछे की ओर मुड़ें।
  • इस स्थिति में आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए।
  • कुछ देर इस स्थिति में रहें और नियमित रूप से सांस लें।
  • फिर gomukhasana benefitsबाहर निकलने की प्रक्रिया को उल्टा करें।
  • यह गोमुखासन का आधा चक्र है। फिर इस प्रक्रिया को दूसरी तरफ से भी करें।
  • शुरुआत में इस आसन को तीन से चार बार तक कर सकते हैं।

गोमुखासन की सावधानियां | Precautions of Gomukhasana

  • अगर गोमुखासन करते समय हाथ को पीछे की तरफ ले जाने में दर्द होता है, तो ऐसे में इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • इस आसन को करने के लिए यदि दोनों पैरों को मोड़ते समय घुटने में दर्द हो तो इस आसन को करने से बचें।
  • मांसपेशियों में दर्द महसूस होने पर आपको इस आसन को करने से बचना चाहिए।
  • अगर रीढ़ की हड्डी से संबंधित किस तरह की शिकायत है। तो भी इस योगासन को नहीं करना चाहिए।

Gomukhasana Kerne Ka Video

इस लेख के माध्यम से आपको यह स्पष्ट हो गया होगा कि प्रतिदिन कुछ मिनट निकालकर योग करने पर शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा जा सकता है। अगर गोमुखासन करने का तरीका सही नहीं है।  तो इसके फायदे नुकसान हो सकते हैं।

इसलिए gomukh asana को करने से पहले यह एक विशेषज्ञ की देखरेख में किया जाना चाहिए। तभी यह अपने आप अभ्यास करने लायक है। कि आपको इस लेख में जानकारी उपयोगी लगी होगी। इस आर्टिकल से जुड़ी अन्य किसी तरह की जानकारी या सुझाव के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स की मदद से हमसे संपर्क कर सकते हैं।

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FAQ 

Q : गोमुखासन किसे नहीं करना चाहिए?

A : गोमुखासन अंतर्विरोध जिन लोगों के कंधे बहुत कड़े होते हैं उन्हें इसे धीमा और आसान लेना पड़ सकता है।
ऊपरी बांहों और कलाई पर बहुत अधिक खिंचाव होगा इसलिए इसे करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
घुटने में किसी भी तरह की कूल्हे की समस्या या चोट gomukhasana steps और क्वाड्रिसप से बचना चाहिए।

Q :  procedure of gomukhasana क्या है?

A :  गोमुखासन चरण
अपने पैरों को फैलाकर बैठें।
बाएं पैर को मोड़ें और दाहिने कूल्हे के नीचे पैर लाएं।
दाएं पैर को बाएं पैर के ऊपर से मोड़ें और बाएं कूल्हे की ओर खींचें।
दाहिने घुटने को बाईं ओर रखें।

Q : हमें गोमुखासन कब करना चाहिए?

A :  यह सबसे अच्छा है अगर सुबह गोमुखासन सबसे पहले किया जाए। इसके लाभ कई हैं। इस आसन का अभ्यास करने पर आपका पेट और आंत खाली होना चाहिए। अपने अभ्यास से कम से कम 10 से 12 घंटे पहले अपना भोजन सुनिश्चित करें

Q :  गोमुखासन को गौ मुख आसन क्यों कहा जाता है?

A : यह आसन संस्कृत के शब्द गो से लिया गया है। जिसका अर्थ है गाय मुख अर्थ मुख और आसन जिसका अर्थ है मुद्रा। संयोग से गो शब्द का अर्थ प्रकाश भी है। हालाँकि इस आसन को इसका नाम इसलिए मिलता है। क्योंकि जब कोई इस आसन को करता है। 

Q : गोमुख को गाय के मुख का आसन क्यों कहा जाता है?

A : यह आसन संस्कृत के शब्द ‘गो’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है गाय, ‘मुख’, जिसका अर्थ है चेहरा, और ‘आसन’, जिसका अर्थ है मुद्रा। संयोग से, ‘गो’ शब्द का अर्थ प्रकाश भी है। हालाँकि, इस आसन को इसका नाम इसलिए मिलता है क्योंकि जब कोई इस आसन को करता है, तो शरीर एक गाय के चेहरे जैसा दिखता है।

Q : गोमुखासन किसे नहीं करना चाहिए?

A : जिन लोगों के कंधे बहुत कड़े होते हैं उन्हें इसे धीमा और आसान लेना पड़ सकता है।
ऊपरी बांहों और कलाइयों में बहुत अधिक खिंचाव होगा, इसलिए इसे करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। …
घुटने में किसी भी तरह की कूल्हे की समस्या या चोट, हैमस्ट्रिंग और क्वाड्रिसप से बचना चाहिए।

Disclaimer : How To Use Gomukhasana In Hindi – तो  फ़्रेन्ड उम्मीद करता हु की हमारा यह लेख आप को जरूर पसंद आया होगा तो दोस्त इसी तरह की जानकारी पाने के लिए हमरे साथ जुड़े रहिये और आपके मनमे कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताये।

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