गरुड़ासन क्या है | गरुड़ासन के फायदे | How To Use Garudasana In Hindi

Garudasana in Hindi : गरुड़ासन योगासन से होने वाले शारीरिक और मानसिक लाभ किसी चमत्कार से कम नहीं है। प्रतिदिन योगाभ्यास करने वाले लोग इससे होने वाले फायदों से भलीभांती परिचित हैं। वैसे जो लोग योग के विषय में ज्यादा नहीं जानते उनके लिए बता दें कि शरीर के अलग अंगों को “स्वस्थ” रखने के लिए विशेष योग क्रियाएं की जाती हैं। जिसमें गरुड़ासन का नाम भी शामिल है। यहां एक बात पर जरूर ध्यान दें कि योग किसी बीमारी का सहायक उपचार हो सकता है।

गरुड़ासन क्या है | What is Garudasana

गरुड़ासन एक प्रकार का योगासन है। गरुड़ासन संस्कृत शब्द गरुड़ से बना है। इसे अंग्रेजी में ईगल पोज के नाम से भी जाना जाता है। यह योगासन मुख्य रूप से कंधे कलाई हाथ और पैर के क्षेत्र को प्रभावित करता है। साथ ही यह आपकी टखनों और कूल्हों को मजबूत करने का काम कर सकता है। जो लोग इस आसन को करना चाहते हैं उन्हें शरीर का संतुलन बनाए रखने की अधिक आवश्यकता होती है।

गरुड़ासन के 4 फायदे | 4 Benefits Of Garudasana | garudasana benefits in hind

  1. संतुलन में सुधार
  2. पीठ को लचीला करने के लिए फायदेमद है
  3. मांसपेशियों की मजबूती में
  4. तनाव को कम करने के लिए फायदेमद है

1. संतुलन में सुधार

गरुड़ासन करते समय आपको एक ही पैर पर शरीर का संतुलन बनाना पड़ता है। इस योग की शुरुआत में आपको संतुलन बनाने में परेशानी हो सकती है। इसलिए शुरुआत में इस आसन को योग विशेषज्ञ की निगरानी में ही करें।

2. पीठ को लचीला करने के लिए फायदेमद है

garudasana करने के लाभ में पीठ को लचीला बनाना भी शामिल है।दरअसल, यह स्ट्रेचिंग-स्ट्रेंथ एक्सरसाइज है। जिससे शरीर के कई हिस्सों में खिंचाव आता है। इसलिए यह माना जा सकता है। इसलिए ऐसा माना जा सकता है कि पीठ को लचीला करने में यह आसन मदद कर सकता है।

3. मांसपेशियों की मजबूती में

अगर मांसपेशियां कमजोर होती जा रही हैं, तो व्यक्ति को मांसपेशियों से संबंधित समस्या हो सकती है। ऐसे में garudasana पर भरोसा किया जा सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया यह एक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज है, जो शरीर में खिंचाव पैदा करने का काम करती है। इस आसन का लाभ खासकर पैरों घुटनों और टखनों को मजबूत बनाने में देखा जा सकता है। साथ ही यह आसन पैर की मांसपेशियों में ऐंठन को दूर कर उन्हें मजबूत करने का काम भी कर सकता है।

4. तनाव को कम करने के लिए फायदेमद है

योग और उससे होने वाले मानसिक फायदे से लगभग सभी परिचित हैं। योग करने से आपको मानसिक शांति का अनुभव हो सकता है। गरुड़ासन को भी उन खास आसनों में गिना जाता है जो तनाव को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए तनाव से मुक्ति पाने के लिए गरुड़ासन के फायदे काम कर सकते हैं।

गरुड़ासन का तरीका | Garudasana ka tareeka

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  • गरुड़ासन को करने से पहले खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करें।
  • अब किसी समतल मैदान का चुनाव करें और योग मैट बिछाएं।
  • फिर योग मैट पर ताड़ासन यानी सीधे खड़े हो जाएं। इस दौरान आप सामान्य रूप से सांस लेने की प्रक्रिया जारी रखें।
  • अगले garudasana steps में आपको अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ना है और दोनों हाथों को सामने की तरफ करना है।
  • अब पूरे शरीर का संतुलन दाएं पैर पर लाएं और बाएं पैर को ऊपर उठाएं।
  • इसके बाद बाएं पैर को दाएं पैर के सामने पीछे की ओर ले जाएं।
  • इस दौरान बायीं जांघ दायीं जांघ के ऊपर रहेगी।
  • अब अगले स्टेप में आपको कोहनी मोड़कर दोनों हाथों को क्रॉस करना है।
  • फिर आपको दोनों हथेलियों को garudasana pose में लाने का प्रयास करना है।
  • अब इस मुद्रा में जितनी देर हो सके खुद को बनाकर रखें।
  • फिर धीरे-धीरे अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
  • अब यही प्रक्रिया आपको दूसरी ओर से भी करनी है।
  • इस आसन के तीन से पांच चक्र किए जा सकते हैं।

गरुड़ासन की विधि | Garudasana kee vidhi

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garudasana yoga करना बहुत आसान है। नीचे दिए गए तरीकों को समझ कर इसको आप और आसानी के साथ इसका अभ्यास कर सकते हैं।

  • सबसे पहले आप सीधे खड़े हों।
  • दाएं पांव को बाएं पांव के ऊपर से दूसरी ओर ले जाएं। अगर आपकी जांघ मोटी है तो आपको इसे पहले करने में परेशानी हो सकती है।
  • बाजुओं को आपस में एक दूसरे की तरह गूंथ लें।
  • आपस में जुड़े हाथों को बाज के पेटी की तरह छाती के सामने रखें। घुटने मोड़कर संतुलन बनाएं।
  • ऐसा करने के लिए बाएं पैर को दाहिने पैर के ऊपर की ओर ले जाएं।
  • यह आधा चक्र था।
  • फिर दूसरे तरफ से करें।
  • अब एक चक्र हुआ।
  • इस तरह से आप तीन से पांच चक्र करें।

गरुड़ासन की सावधानियां | Garudasana Precautions

प्रत्येक योगासन को करने से पहले उन्हें किस स्थिति में नहीं करना चाहिए यह जानना बहुत जरूरी होता है। अगर आप उस आसन को करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। तो आपके लिए जोखिम उत्पन्न हो सकता है। इसलिए गरुड़ासन के लिए कुछ सावधानियां इस तरह से हैं।

  • अगर आपके टखनों घुटनों या कोहनियों में चोट लगी है। या पैरों में दर्द हो रहा है तो ऐसे में इस आसन को न करें।
  • गठिया के रोगियों को इस आसन से दूर रहना चाहिए। जी हां, ऐसे मरीज डॉक्टर की सलाह पर किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में इस आसन को कर सकते हैं।
  • गर्भवती महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए। इस आसन को करते वक्त उनके गिरने का डर हो सकता है।

garudasana ka video

FAQ

Q : गरुड़ासन के क्या फायदे हैं?

A ; टखनों और पिंडलियों को मजबूत और फैलाता है।,जांघों, कूल्हों, कंधों और पीठ के ऊपरी हिस्से को स्ट्रेच करता है।,एकाग्रता में सुधार करता है।,संतुलन की भावना में सुधार करता है।

Q : गरुड़ासन क्या आसान है?

A ; ईगल पोज़ या गरुड़ासन आपके संतुलन की ताकत और सहनशक्ति का परीक्षण करता है क्योंकि हथियारों को बुनाई करते समय संतुलन बनाए रखना आसानी से नहीं किया जाता है यह हथियारों और पैरों का काउंटर सहज ज्ञान युक्त थ्रेडिंग है जो ईगल पोज़ को संतुलन का अभ्यास करने और पैरों को मजबूत करने और फैलाने का एक चुनौतीपूर्ण लेकिन मजेदार तरीका बनाता है। कंधे और ऊपरी पीठ

Q : गरुड़ासन और वृक्षासन की प्रक्रिया क्या है?

A ; सीधे खड़े हो। पैरों के बीच एक फीट की दूरी रखें। अंजलि मुद्रा में हथेलियों को पास रखते हुए अपने हाथों को ऊपर उठाएं दाहिने पैर को ऊपर उठाएं और अर्ध पद्मासन में पैर की स्थिति के समान बायीं जांघ पर रखें। सामान्य रूप से सांस लें दाहिना पैर नीचे छोड़ें।

Q : गरुड़ासन किसे करना चाहिए?

A ; गर्भवती महिलाओं को इस आसन को करने से पहले डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। गरुड़ासन कूल्हे पीठ और कंधे के जोड़ों जांघ और बछड़े की मांसपेशियों के लिए सबसे अच्छे स्ट्रेचिंग व्यायामों में से एक है। आसन इन भागों को मजबूत और लचीलापन प्रदान करता है।

Q : गरुड़ासन का अर्थ क्या है?

A ; गरुड़ासन एक असममित स्थिति है जिसमें एक पैर दाहिनी ओर बाईं ओर पार किया जाता है। जबकि विपरीत दिशा में हाथ बाईं ओर दाईं ओर पार किया जाता है और हथेलियों को एक साथ दबाया जाता है। एक पैर पर सभी पोज़ की तरह यह मांग करता है। और निर्माण संतुलन और एकाग्रता में मदद कर सकता है।

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