बेल क्या है | बेल के फायदे | Bel ke fayde Aur Upyog In Hindi

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bel ke fayde in Hindi : बेल का पेड़ मूल रूप से भारत में ही पाया जाता है इसके साथ साथ एशिया, के दक्षिणी भाग श्रीलंका, थाईलैंड, और अन्य क्षेत्रों में भी पाया जाता है। इस पेड़ की ऊंचाई 30 फीट तक बढ़ सकती है और इसके फल का माप 5cm-9cm तक का होता है।

बेल की बाहरी कवच कठोर होती है और अंदर से भूरे रंग का गुदा होता है जिसमें छोटे सफेद बीज होते हैं। इस फल का गुदा कच्चा भी खाया जा सकता है पर आमतौर पर इसका उपयोग जेम को बनाने में किया जाता है।

बेल के फल में टैनिन कैल्शियम फॉस्फोरस फाइबर प्रोटीन आयरन आदि जैसे उपयोगी खनिज निहित हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन बी और विटामिन सी की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है। बेल वास्तव में एक जड़ी-बूटी है जो हमारे “स्वास्थ्य” के लिए अत्यंत फायदेमद है।

बेल क्या है | What is Bel

बेल बहुत ही पुराना वृक्ष है। भारतीय ग्रंथों में इसे दिव्य वृक्ष कहा गया है। इस वृक्ष में लगे हुए पुराने पीले पड़े हुए फल एक साल के बाद पुनः हरे हो जाते हैं। यदि आप इसकी पत्ती को बाहर निकालते हैं। तो यह 6 महीने तक वही रहता है।

इस पेड़ की छाया आपको ठंडक देती है और आपको सेहतमंद बनाती है। कबेल का पेड़ मध्यमाकार, और कांटों से युक्त होता है। इसके तने की छाल मुलायम हल्के भूरे से पीले रंग की होती है। नई शाखाएं हरे रंग की और टेढ़ी-मेढ़ी होती हैं। इसका पत्ता हरे रंग का होता है और पत्तों के आगे का भाग नुकीला और सुगन्धित होता है।

बेल का सेवन कैसे करें | How to intake Bel

बेल क्या है | बेल के फायदे | Bell Ke Fayde Aur Upyog In Hindi
  • आप इसके फल का भी सेवन कर सकते हैं।
  • आप पका हुआ बेल फल साबुत भी खा सकते हैं या फिर उसका रस भी पी सकते हैं।
  • अगर कच्ची बेल खट्टी है तो आप इसकी चटनी बनाकर खा सकते हैं. आप इसकी पत्तियों को सलाद के रूप में पी सकते हैं।
  • बेल को सुखाकर और उसका चूरन बनाकर आप उसे दूध मक्खन और अपने दैनिक आहार के साथ भी ले सकते हैं।
  • श्रीलंका में bel ke faydeफल का सेवन आइसक्रीम के रूप में भी किया जाता है।

बेल के औषधीय गुण | Medicinal properties of Bel

  • केवल बेलगिरी के चूर्ण को मिश्री मिले हुए दूध के साथ सेवन करने से खून की कमी शारीरिक कमजोरी तथा वीर्य की कमजोरी दूर होती है।
  • 3 ग्राम बिल्व के पत्तों के चूर्ण में थोड़ा शहद मिलाकर सुबह-शाम नियमित रूप से सेवन करने से धातु रोग में लाभ होता है।
  • बेल के पत्तों के 20-25 मिलीलीटर रस में 6 ग्राम जीरा पाउडर 20 ग्राम मिश्री और 100 मिली दूध मिला लें। इसे पीने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है।
  • बेलगिरी असगंध और मिश्री का बराबर मात्रा में चूर्ण बना लें। इसके एक चौथाई भाग में केसर का बारीक पाउडर डाल दें। ऊपर से गर्म दूध 4 ग्राम सुबह-शाम सेवन करने से शारीरिक दुर्बलता में लाभ होता है।
  • बेल को सुखा लें। इसके गूदे का महीन चूर्ण बना लें। इसे थोड़ी मात्रा में रोज सुबह और शाम सेवन करें। इससे कमजोरी दूर होती है।

बेल के फायदे | Bel ke fayde

  1. हृदय रोग के लिए फायदेमद है
  2. सिरदर्द के लिए
  3. मुंह के छाले में
  4. गैस क़ब्ज़ व एसिडिटी में फायदेमद है
  5. खांसी क़फ़ में
  6. कान की तकलीफ में

1. हृदय रोग के लिए फायदेमद है

बेल क्या है | बेल के फायदे | Bell Ke Fayde Aur Upyog In Hindi

बेल का रस तैयार कर लीजिए और उसमें कुछ बूंदें घी मिला दीजिए इस पेय को हर रोज़ एक निश्चित मात्रा में लें। इसके नियमित सेवन से हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव होता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

अगर यह शरीर में कहीं भी जल जाए तो बिल्व पाउडर और गर्म तेल को ठंडा करके पेस्ट बना लें। जले हुए अंग पर लेप करने से फ़ौरन आराम आएगा। बेल का चूर्ण उपलब्ध न होने पर बेल का पक्का गूदा साफ़ करके भी लेप किया जा सकता है।

2. सिरदर्द के लिए

अगर सिरदर्द से परेशान हैं तो इस समस्या का हल बेल की पत्ती में है। आमतौर पर सिर दर्द के लिए बेलपत्र के रस में माथे पर पट्टी बांधकर रखें।यदि आपको पुराना सिरदर्द है तो 11 पत्तों का रस मिलाकर पीएं। गर्मियों में इसमें थोड़ा सा पानी मिला लें। कितना ही पुराना सिरदर्द हो, ठीक हो जाएगा

3. मुंह के छाले में

अगर मुंह में छाले हो गए हैं तो भी बेलपत्र का सेवन करना फायदेमंद रहेगा सौ ग्राम पानी में थोड़ा गूदा डालकर उबाल लें। ठंडा होने के बाद उसी पानी से धो लें। यह पित्त रस मुँह में अचानक हुए घाव को भर देता है। यह आमतौर पर मुंह के छालों को ठीक करता है।

मिर्गी में bel patra ke fayde कालीमिर्च पत्थर पर पीसकर आधी गिलास पानी पानी में मिलाकर बिना छाने दिन में दो बार 40 दिनों तक लेने से मिर्गी या चक्कर आना ठीक हो जाएगा।

4. गैस क़ब्ज़ व एसिडिटी में फायदेमद है

गैस क़ब्ज़ या अपच की शिकायत होने पर नियमित रूप से बेल का रस पीने से आराम मिलता है। कब्ज के कारण पेट और छाती में सूजन होने पर 50 ग्राम गूदे में 25 ग्राम मिश्री और 250 ग्राम पानी मिलाकर चाशनी बना लें।

रोजाना पीने से कब्ज दूर होती है। कटोरी का रस शहद के साथ पीने से एसिडिटी दूर होती है। दस्त व डायरिया डायरिया के पतले दस्तों में ठंडे पानी से लिया गया 5-10 ग्राम बिल्व (बेल) चूर्ण आराम पहुंचाता है।

5. खांसी क़फ़ में

और तेज़ खांसी होने पर सौ ग्राम बेल का गूदा आधा लीटर पानी में हल्की आंच पर पका लें। 300 मिलीलीटर पानी रह जाने के बाद इसे छान लें एक किलो मिश्री की चाशनी बनाकर मिला लें। थोड़ा केसर और थोड़ी जावित्री डालें। यह सुगंधित और स्वास्थ्य वर्धक चाशनी बनकर तैयार है। इसे गुनगुना घूंट घूंट कर पीने से खांसी कफ दूर हो जायेगा

6. कान की तकलीफ में

इसकी जड़ का उपयोग कान की तकलीफों में घरेलू उपचार के रूप में किया जाता है। इसकी जड़ के सख्त टुकड़े को नीम की तली में डुबोकर जला देना चाहिए। इसका जलन और ठंडा करने वाला तेल कान की समस्याओं के लिए बहुत ही उपयोगी औषधि है।नीम के एंटीसेप्टिक गुण बेलपत्र की जड़ के कठोर निचोड़ के साथ मिलने से संक्रमण और कान का बहना आदि के उपचार में उपयोगी होता है।

बेल का पाउडर | Bel ka powder

खून की सफ़ाई रक्तशुद्धि के लिए बेलपत्र अचूक दवा है। कटोरी की जड़ का पचास ग्राम बीस ग्राम बनियान के साथ पीसकर छान लें। सुबह उठकर आधा कप उबलते पानी में एक चम्मच चूर्ण मिलाएं। मिश्री या शहद मिलाकर गरमा-गरम घूंट भरें कुछ ही दिनों में खून साफ़ हो जाएगा और शरीर तंदुरुस्त हो जाएगा |

बेल का उपयोग | Bel ka upayog

बेल क्या है | बेल के फायदे | Bell Ke Fayde Aur Upyog In Hindi
  • बेल के गूदे से जूस बनाकर इसका सेवन किया जा सकता है।
  • आप पकी हुई bel ke patte khane ke fayde इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • बेल का उपयोग फल बनाने के लिए किया जा सकता है।
  • बेल का मुरब्बा खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

बेल का नुकसान |Bel ka nukasaan

  • बेल खाते समय इसके बीज को निकाल लें नहीं तो इनके बीज गले में फंस सकते हैं।
  • बेल में शुगर की भरपूर मात्रा पाई जाती है जिसका अधिक सेवन टाइप 2 डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर का कारण भी बन सकता है। इसलिए इसके अधिक सेवन से बचें।
  • बेल में पर्याप्त मात्रा में फास्फोरस पाया जाता है। अतिरिक्त फास्फोरस गुर्दे की बीमारी वाले लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • बेल में कैल्शियम की मात्रा भी पाई जाती है जिसका अधिक सेवन किडनी स्टोन का कारण बन सकता है।

बेल के फायदे वीडियो | Bel ke fayde Video

FAQ

Q : बेल की तासीर क्या है?

A : ठंडी तासीर होने की वजह से इसे शीतल फल भी कहा जाता है। बेल में प्रोटीन फाॅस्फोरस कार्बोहाइड्रेट आयरन कैल्शियम फैट, फाइबर विटामिन-सी बी पाया जाता है। आयुर्वेद में इसका जूस खाली पेट पीने की सलाह दी जाती है। यह ज्यादा फायदेमंद होता है।

Q : बेल कब खाना चाहिए?

A : आमतौर पर बेल का रस या बेल के शरबत का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है लेकिन आप इस फल को तोड़कर सीधे खा भी सकते हैं। इसका बाहरी भाग बहुत सख्त होता है इसे तोड़कर अंदर के गूदे के बीज को खा लें या फिर इस गूदे को रात भर इस गूदे को पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह इसे खाएं।

Q : बेल का जूस पीने से क्या होता है?

A : bel sharbat ke fayde पीने से आपको गैस कब्ज और अपच की समस्या से आराम मिलेगा। बेल में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है ऐसे में इसका शरबत पीने से तेजी से वजन कम होता है। इसके इसके अलावा डिहाइड्रेशन और लू जैसी समस्या से भी राहत मिलेगी। हैजा जैसी बीमारी से बचने के लिए बेल का सेवन करें।

Q : बेल ट्रैक रिसीवर कर सकते हैं?

A : बेल टेलीफोन लाइन के माध्यम से आपको प्राप्तकर्ताओं को ट्रैक करता है। यदि आपका रिसीवर टेलीफोन लाइन से जुड़ा नहीं है तो यह डायल आउट नहीं करता है। विशेष रूप से यदि आपके पास 3 से अधिक रिसीवर हैं। तो बेल आपको कॉल करने के लिए सूची में डाल देगा और वे आपको अपने रिसीवर को “सत्यापित” करने के लिए कॉल कर सकते हैं।

Q : बेल का पत्ता खाने से क्या फायदा है?

A : बेल की पत्तियों का सत्व रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में लाभदायक है। पेड़ का तेल अस्थमा और सर्दी जैसी सांस की बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। पके फलों के रस में घी मिलाकर पीने से हृदय रोग से बचाव होता है। कब्ज दूर करने की सबसे अच्छी प्राकृतिक दवा है।

Q : बेल खाने के बाद क्या नहीं खाना चाहिए?

A : bel ke juice ke fayde या फल के सेवन से गर्भपात का खतरा होता है। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली महिलाओं का भी दूध कम होता है। ऑपरेशन के बाद न पियें- ऑपरेशन के कुछ दिनों पहले और कुछ दिनों बाद तक बेल का जूस नहीं पीना चाहिए।

Q : बेल में कौन से तत्व पाए जाते हैं?

A : गर्मियों में इसके सेवन से शरीर हाइड्रेट रहता है और पेट ठंडा रहता है इसका सीधा फायदा कब्ज के मरीजों को इसका सीधा फायदा मिलता है। 2 इम्यूनिटी बूस्ट करें- पित्त सिरप में प्रोटीन बीटा कैरोटीन थाइमिन राइबोफ्लेविन और विटामिन C जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

Disclaimer: Bel ke fayde Aur Upyog इस का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सला ले इसके बाद इसका उपयोग करे तो फ़्रेन्ड उम्मीद करता हु की हमारा यह लेख Bel ke fayde Aur Upyog आप को जरूर पसंद आया होगा तो दोस्त इसी तरह की जानकारी पाने के लिए हमरे साथ जुड़े रहिये और आपके मनमे कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताये।
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