अश्वगंधा क्या है | अश्वगंधा के फायदे । Ashwagandha ke fayde Aur Upyog

ashwagandha fayda ih hindi : अश्वगंधा प्राचीन काल से आयुर्वेद में उपचार होने वाली एक कारगर औषधि है। हजारों सालों से इसका इस्तेमाल कई गंभीर बीमारियों के लिए किया जाता है। कि अश्वगंधा का इस्तेमाल कई शारीरिक “समस्या” ओं को दूर करने के लिए किया जाता है इसमें सेहत के लिए कई छोटे-बड़े गुण छिपे हुए हैं यदि किसी व्यक्ति को सेक्स पावर की कमजोरी हो गई है तो अश्वगंधा बहुत फायदेमद है।

अश्वगंधा क्या है | What is Ashwagandha fayda

आयुर्वेदिक औषधियों में अश्‍वगंधा का नाम बहुत लोकप्रिय है। सदियों से कई रोगों के इलाज में अश्‍वगंधा का इस्‍तेमाल किया जाता है। महत्‍वपूर्ण आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में अश्‍वगंधा का नाम लिया जाता है। भारतीय पारंपरिक औषधि प्रणाली में अश्‍वगंधा को चमत्‍कारिक एवं तनाव-रोगी जड़ी बूटी के रूप में जाना जाता है। इस वजह से तनाव से संबंधित लक्षणों और चिंता विकारों के इलाज में इस्‍तेमाल होने वाली जड़ी बूटियों में अश्‍वगंधा का नाम भी शामिल है।

अश्वगंधा के 5 फायदे | 5 Benefits Of Ashwagandha

  1. तनाव के लिए
  2. कैंसर से बचाव में
  3. डायबिटीज में अश्वगंधा के फायदेमद
  4. थायराइड के लिए
  5. आंखों की बीमारी के लिए फायदेमद है

1. तनाव के लिए

तनाव की समस्या कई बीमारियों का कारण बन सकती है। चूहों पर किए गए शोध के अनुसार आयुर्वेदिक औषधि अश्वगंधा में मौजूद एंटी-स्ट्रेस गुण तनाव को कम करके इसके कारण होने वाली बीमारियों से बचा सकता है।

2. कैंसर से बचाव में

एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध में कहा गया है कि अश्वगंधा में एंटी-ट्यूमर एजेंट होते हैं, जो ट्यूमर को बढ़ने से रोक सकते हैं। साथ ही अश्वगंधा बतौर कैंसर के इलाज के रूप में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी के नकारात्मक प्रभाव को खत्म करने में मदद कर सकता है।

3. डायबिटीज में अश्वगंधा के फायदेमद

आयुर्वेदिक औषधि अश्वगंधा के जरिए डायबिटीज से भी बचा जा सकता है। इसमें मौजूद हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव ग्लूकोज के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। 2009 में अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ashwagandha benefits and side effects द्वारा अश्वगंधा की जड़ों और पत्तियों के संबंध में मधुमेह के चूहों पर एक अध्ययन किया गया था। कुछ समय बाद चूहों पर इसका सकारात्मक परिवर्तन नजर आया। इसी वजह से कहा जा सकता है कि अश्वगंधा डायबिटीज से बचाव में उपयोगी हो सकता है।

4. थायराइड के लिए

गले में मौजूद तितली के आकार की थायराइड ग्रंथि जरूरी हार्मोंस का निर्माण करती है। जब ये हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं तो शरीर का वजन कम होना या बढ़ना शुरू हो जाता है। इससे और भी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसी अवस्था को थायराइड कहते हैं।

5. आंखों की बीमारी के लिए फायदेमद है

तेजी से लोग आंखों से जुड़ी बीमारियां का शिकार हो रहे हैं। मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। बहुत से लोग मोतियाबिंद से अंधे हो जाते हैं। इस संबंध में हैदराबाद के कुछ वैज्ञानिकों ने अश्वगंधा पर शोध किया। उनके अनुसार, अश्वगंधा में एंटीडोट गुण होते हैं, जो मोतियाबिंद से लड़ने में मदद कर सकते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि अश्वगंधा मोतियाबिंद के खिलाफ प्रभावशाली तरीके से काम कर सकता है। यह मोतियाबिंद को बढ़ने से रोकने में कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है।

अश्वगंधा के औषधीय गुण | Medicinal Properties of Ashwagandha

Ashwagandha

अश्वगंधा को संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। अश्वगंधा के गुणों में एंटीऑक्सिडेंट एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटी-स्ट्रेस जीवाणुरोधी एजेंट और प्रतिरक्षा प्रणाली और ध्वनि में सुधार शामिल हैं। इसके सेवन से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बेहतर हो सकती है।

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार अश्वगंधा का उपयोग प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने,ashwagandha benefits for men में यौन और प्रजनन क्षमता में सुधार और तनाव को कम करने के लिए भी किया जा सकता है। इसके अलावा अश्वगंधा के औषधीय गुण में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव भी शामिल है। जो शरीर में मुक्त कणों के गठन को रोक सकते हैं। इससे बुढ़ापा और अन्य बीमारियों में कमी आ सकती है।

अश्वगंधा का उपयोग | Use of ashwagandha

Ashwagandha

अश्वगंधा का सेवन करने से पहले इससे जुड़ी सावधानियों की जानकारी होना भी जरूरी है। नहीं तो ashwagandha powder ka fayda के दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। वो सावधानियां नीचे जानते हैं।

  • अश्वगंधा की तासीर गर्म होती है।इसलिए अधिक मात्रा में इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • इसे ज्यादा देर तक नहीं पीना चाहिए। इसकी खुराक और समय का पता लगाने के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
  • आंत संबंधी परेशानी वाले व्यक्तियों को इसके सेवन से बचाने की सलाह दी जाती है

अश्वगंधा के नुकसान | Ashwagandha losses

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे के साथ ही इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। घोड़े की गंध से शरीर को नुकसान इसकी अधिक मात्रा से ही होता है। इसलिए मध्यम मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। आइए अब जानते हैं कि अश्वगंधा के नुकसान क्या हैं।

  • अश्वगंधा की ज्यादा खुराक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परेशानी, दस्त और उल्टी का कारण बन सकती है।
  • गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन हानिकारक होता है। माना जाता है कि इसकी अधिकता गर्भपात का कारण बनती है।
  • केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में अवसाद हो सकता है। इसलिए अश्वगंधा का सेवन करते समय शराब और अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

Ashwagandha fayda Video

FAQ

Q : अश्वगंधा के परहेज क्या है?

A : रक्तचाप के मरीजों को भी अश्वगंधा के सेवन से परहेज की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार अश्वगंधा एक दवा है लेकिन कुछ लोगों को इससे बचने की जरूरत है। खासकर गर्भवती ashwagandha benefits for female को इसके सेवन से बचना चाहिए। अगर गर्भवती महिलाएं इसका लगातार सेवन करती हैं तो गर्भपात का खतरा हो सकता है।

Q : अश्वगंधा और दूध पीने से क्या होता है?

A : एक गिलास गुनगुने दूध में एक चम्मच अश्वगंधा पावडर और शहद मिलाकर रोजाना पीने से मेटाबॉलिज्म और पाचन में सुधार होता है। आप चाहें तो इसमें इलायची पाउडर मिलाकर इसका स्वाद बढ़ा सकते हैं. इससे मेटाबॉल्‍जिम तो बढ़ेगा ही साथ में पाचन भी मजबूत रहेगा।

Q : अश्वगंधा कितनी लेनी चाहिए?

A : इस चूर्ण को 2-4 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ लेने से शरीर की कमजोरी अश्वगंधा फायदे हो जाती है।

Q : अश्वगंधा की तासीर क्या होती है?

A : आपको बता दें कि अश्वगंधा की तासीर काफी गर्म होती है। यदि आप इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो आपको दस्त अनिद्रा भ्रम एसिडिटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

Q : अश्वगंधा से मोटापा कैसे बढ़ाए?

A : आप चाहें तो 100-100 ग्राम का पैक लेकर उन्‍हें आपस में मिला लें और रोजाना सुबह और शाम आधा चम्‍मच यानी लगभग 5 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम गर्म दूध में मिलाएं। आयुर्वेद के अनुसार अश्वगंधा और शतावरी के चूर्ण से बनी इस दवा का असर एक हफ्ते में ही दिखने लगता है। इसके सेवन से तेजी से वजन बढ़ता है।

Q : अश्वगंधा कितने रुपए किलो मिलता है?

A : फसल अश्वगंधा की उपज इस बार आधी ही बैठी है। 15 दिन में उसकी फसल बाजार में आ जाएगी। फिलहाल इसकी कीमत 15 से 27 हजार रुपए प्रति क्विंटल चल रहे हैं।

Q : अश्वगंधा कितने प्रकार के होते हैं?

A : अश्वगंधा या असगंध विथानिया सोमनिफेरा एक पौधा क्षुप है। यह विदनिया कबीले का पौधा है। विदनिया की 10 प्रजातियां विश्व में और 2 भारत में पाई जाती हैं।

Disclaimer : ashwagandha fayda Aur Upyog इस का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सला ले इसके बाद इसका उपयोग करे तो फ़्रेन्ड उम्मीद करता हु की हमारा यह लेख ashwagandha fayda Aur Upyog आप को जरूर पसंद आया होगा तो दोस्त इसी तरह की जानकारी पाने के लिए हमरे साथ जुड़े रहिये और आपके मनमे कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताये।
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