डायबिटीज के लक्षण क्या हे – डायबिटीज में क्या खाना चाहिए

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नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख Diabetes के लक्षण क्या हे और डायबिटीज में क्या खाना चाहिए तो आज के लेख में सभी जानकरी देंगे तो लेख को पूरा पढ़े। 

हाई ब्लड शुगर लेवल को हम सारे लोग डायबिटीज़ या फिर मधुमेह के नाम से पहचाना जाता हैं। परन्तु Diabetes की जांच न की जाए तो Diabetes त्वचा आंखों से जुड़ी कई परेशानिया से लेकरब्रेन स्ट्रोन और नर्वस सिस्टम कई सारि अनेक गंभीर मुश्केलियो  का सामना करना पड़ा था। 

डायबिटीज़ क्या है

किसी भी व्यक्ति के बॉडी  में ब्लड ग्लूकोज या फिर ब्लड शुगर की मात्रा ज्यादा हो जाती है। तब उस  रोग को Diabetes कहा जाता है। ब्लड शुगर किसी भी मनुष्य के लिए शक्ति का मुख्य स्रोत माना है।जो भोजन करने से पहुँचता है। परन्तु इसके अलावा इसुलिन पैंक्रियाज के मद्यम से बनने  वाला हार्मोन होता है। वह  ग्लूकोज को खाने  से मनुष्य  की कोशिकाओं में जाने में मदद करता है जिसका उपयोग शक्ति के रूप में पहचाना जाता है।

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डायबिटीज के प्रकार

डायबिटीज के लक्षण क्या हे - डायबिटीज में क्या खाना चाहिए

टाइप-1 Diabetes :

Diabetes के दर्दी  के बॉडी में इन्सुलिन का निर्माण  जरुरत  से कम होता है। इस समस्या को बाहर से इन्सुलिन से कंट्रोल करवाया जाता है इस स्थान में दर्दी का अग्न्याशय या पेनक्रियास की बिट कोशिकाओं का Diabetes के लक्षण , प्रकार , गरेलु और आयुर्वेदिक इलाज इंशुलिन नहीं बना पाता जिसका इलाज करीबन संभव नहीं है यह प्रभाव बच्चो और 18 से 20 साल के उम्र वाले युवाओको ज्यादा इसका शिकार बन जाते है। 

टाइप-2 Diabetes :

टाइप २ डायबिटीज का  दर्दी की बॉडी इंशुलिन का पूरी मात्रा में इस्तेमाल नहीं कर सकता। Diabetes वाला शरीर इंशुलिन बनाता तो है  परन्तु कम मात्रा में और कई समय इंशुलिन ठीक से काम नहीं करता है। 

डायबिटीज के लक्षण – Symptoms of diabetes

डायबिटीज के लक्षण क्या हे - डायबिटीज में क्या खाना चाहिए

Diabetes की पहचान करने के कई sugar symptoms दिखाई देता है। इनमेसे कई सारे लक्षण आपको यहाँ दिखाई देंगे। 

प्यास का बढ़ना :

sugar ki bimari ke lakshan यह भी है की व्यक्ति को काफी प्यास लगती है। आम समय पर ज्यादा प्यास लगने पर हम पानी पी लेते हैं जिससे व्यक्ति की प्यास मिट जाती है। परन्तु  sugar की स्थिति में ऐसा नहीं होता परन्तु Diabetes होने पर व्यक्ति को ज्यादा प्यास लगती है। और उस व्यक्ति को ज्यादा और बार -बार पानी पिने का मन होता है। 

बार-बार पेशाब आना :

diabetes symptoms का यह भी कारण है जिसमे बार-बार प्यास लगना है।  जिसकी वजह से sugar से पीड़ित व्यक्ति को अनेक बार पेशाब भी करना पड़ता है। आमतौर कई सारे लोग इस समस्या को किडनी का लक्षण मानते हैं   परन्तु उन्हें किसी भी निर्णय पर नहीं जाना चाहिए क्योंकि यह डायबिटीज का भी लक्षण हो सकता है। 

बहुत भूख लगना :

कई सारे लोगो को आपने देखे होंगे जो थोड़ी-थोड़ी देर में खाना खाते है। कई लोग ऐसे व्यकिओंका मजाक उड़ाया करते है। उन लोगो को भुक्कड़ कहकर बुलाते है। परन्तु इन्हे यह पता नहीं होता की यह लक्षण Diabetes का भी हो सकता है। यह संकेत होने पर आपको डॉक्टर की मुलाकात अवश्य ले जिससे आपको सही बात का पता कर सके। 

अचानक वजन का कम होना :

 यदि किसी मनुष्य का काफी तेज़ी से वेट अचानक कम हो जाये तो समज जाना की यह diabetes ke lakshan का संकेत भी हो सकता है। और इस लक्षण को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। 

थकान महसूस होना :

आमतौर पर हम सभी लोग कड़ी मेहनत करने के बाद थक जाया करते यह sugar ke lakshan कहा जाता हैं। परन्तु ऐसा होना स्वाभाविक बात है परन्तु  जब कोई व्यक्ति थोड़ा सा काम करते है और वह ज्यादा थक जाया करते है।और यह चीज व्यक्ति में दिखे तो समज जाना की वह डायबिटीस का शिकार बना हुवा है।

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डायबिटीज का कारण – Cause of diabetes 

डायबिटीज के लक्षण क्या हे - डायबिटीज में क्या खाना चाहिए

डायबिटीज का शिकार किसीभी व्यक्ति हो सकता है। Diabetes के कई सारे कारण हो सकते है। 

अधिक वजन होना :

जिन व्यक्तिओका वजन ज्यादा होता है वह आमतौर पर Diabetes का शिकार होने की संभावना  अधिक होती है। 

40 या उससे अधिक उम्र होना :

आमतौर पर डायबिटीजकी बीमारी 40 साल या इनसे ज्यादा उम्र वाले लोगो को  देखि जाती है। 

परिवार में अन्य सदस्य डायबिटीज से पीड़ित होना :

आमतौर पर कई सारी बीमारियाँ मौजूद होती हैं। जो अन्य परिवार के व्यक्तिओमे में फैल जाती हैं। इन लोगो को पूर्व मधुमेह भी हो सकता है। और किसी व्यक्ति के परिवार के किसी अन्य व्यक्ति को Diabetes है. तो उसके परिवार के अन्य सभ्य को भी  डायबिटीज होने की संभावना हो सकती है। 

बी.पी और हृदय कि बीमारी होना :

कई बार Diabetes के ऐसे कई मामले देखने को  मिल जाते है। इस की शुरुआत बी.पी और हृदय से जुडी कई सारि बीमारी से होती है। 

फिजिकल एक्टिविटी न करना :

यदि कोई व्यक्ति किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी नहीं करता वह Diabetes होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। 

डायबिटीज का उपचार

हेल्थी डाइट अपनाना :

डायबिटीज का उपचार करने का सबसे अच्छा और आसान तरीका अपने ज्यादा खान-पान पर काबू करना होगा। इस कारण  हेल्थी डाइट को अपनाना होगा जिसमे से आपको प्रोटीन, कैल्शियम  ऐसे कई सारे तत्वों से ज्यादा भरपूर होते है।

दवाई लेना :

आमतौर पर डॉक्टर Diabetes के लिए इलाज करने के लिए कई सारि दवाईयां देते हैं। यह सारि दवाईयां Diabetes को अच्छा या ठीक करने में मदद करती हैं जिस दवाइयों से डायबिटीज से पीड़ित दर्दी को राहत या ठीक हो जाते है।    

एक्सराइज़ करना :

 डायबिटीज का एक मुख्य कारण एक्सराइज़ भी हो सकता है। क्योकि Diabetes का इलाज करने में एक्सराइज़ या वर्कआउट करना बहोत अच्छा साबित हो सकता है।

वजन को कंट्रोल रखना :

डायबिटीज के  इलाज करने के लिए में वजन को कंट्रोल या कम कर ने से अच्छा सहायह रहता है। इस कारण डायबिटीज से जूझते दर्दी यह तरीका अपना सकते है। और वजन कंट्रोल करके अपनी बॉडी में बी.एम.आई को थोड़ी मात्रा में पा सकते है। 

इंसुलिन के इंजेक्शन लगाना :

कई वक्त डायबिटीज के इलाज के लिए  इंसुलिन के इंजेक्शन के ध्वारा भी किया जाता है। 

सर्जरी कराना : 

डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी तरह का आराम नहीं  मिलता है, तब वह दर्दी के लिए बेरियाट्रिक सर्जरी फ़क्त एकमात्र विकल्प रहता है। बेरियाट्रिक सर्जरी में मानव  के बॉडी में अतिरिक्त वसा को मेडिकल तरीका अपना कर निकाला जा सकत है। वह तरीके से डायबिटीज का इलाज किया जाता है।

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डायबिटीज का घरेलू उपचार –

sugar ki bimari ka ilaj  कई सारे घरेलू उपचार भी है इन उपचारोंसे डायबिटीज को बढ़नेसे रोकता है और कई उपचार इसे ठीक करने में मदद करते है। 

तुलसी :

तुलसी में ऐसे पदार्थ मौजूद एन्टीऑक्सिडेंट और जरुरी तत्व बॉडी में इंशुलिन अकळा करने वाली और उसे छोड़ने वाली कोशिकाओ को अछि तरह से क्रिया करने में सहायता करता है। डायबिटीज के दर्दी  को प्रतिदिन दो से तीन तुलसी के पौधे खाली पेट खाने होंगे। इससे मधुमेह या डायबिटीज के लक्षण कम दिखाई  देता है।  

अमलतास :

आप डायबिटीज में अमलतास में कुछ पौधे साफ करके उनका रस निकाल लीजिये। इस रस का चौथाई कप प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीने से डायबिटीज के इलाज में सहायक होता है। 

 सौंफ :

प्रतिदिन आपको भोजन के बाद सौंफ का सेवन करे। सौंफ का सेवन करने से डायबिटीज कंट्रोल में रहता है। डायबिटीज के दर्दी को इन sugar ki bimari ka ilaj के साथ साथ परहेज का विशेष ध्यान रखना होगा। 

करेला :

करेले का ज्यूस Diabetes की मात्रा को बढ़ने से रोकता है। डायबिटीज को कंट्रोल में लाने के लिए करेले का ज्यूस का नियमित सेवन करने से इसका फायदा मिलता है। चीनी के लक्षण नजर आने पर सवेरे खाली पेट टमाटर, खीरा और करेले का ज्यूस मिक्स करके सेवन करे। 

शलजम :

शलजम को सलाद के रुप में या सब्जी बनाकर सेवन करनेसे फायदा होता है। Diabetes के इलाज के समय शलजम का सेवन से  करनेसे काफी सहायक होता है।

अलसी के बीज :

सवेरे खाली पेट अलसी का चूर्ण गरम पानी के सेवन करे। अलसी के बीज में भरपूर मात्रा मे फाइबर पाया जाता है जिस कारण यह फैट और Diabetes  का सही अवशोषणा करने में मददगार रहता है। अलसी के बीज Diabetes  के दर्दी के खाने के बाद तुरंत ही Diabetes को करीबन 28 % कम करने में मदद करता है। 

मेथी :

मेथी के बीज को रात को एक ग्लास पानी में भिगोकर रखे। सुबह उठकर खाली पेट इस पानी का सेवन करे और मेथी के बीजो को चबा कर इसका सेवन कर लें। प्रतिदिन इसका नियमित रुप से सेवन करने से Diabetes को कंट्रोल में रखता है। 

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डायबिटीज का आयुर्वेदिक इलाज –

दालचीनी :

रक्त में Diabetes के लेवल को कंट्रोल करने ने के लिए एक महीने तक आपके हररोज के भोजन में एक ग्राम दालचीनी का सेवन करे। दालचीनी के सेवन से Diabetes की आयुर्वेदिक का इस्तेमाल करके इसे कंट्रोल में कर सकते है। 

जामुन :

जामुन के फल में काला नमक को  मिक्स करके इसका सेवन करके रक्त में Diabetes की मात्रा को कंट्रोल में कर सकते है। 

गेहू :

गेहूँ के ज्वार का करीबन आधा कप ताजा ज्यूस को हररोज सुबह और शाम सेवन करके Diabetes में फायदा मिलता है। 

आँवले :

आँवले के ज्यूस बनाकर हल्दी के पाउडर में मिक्स करके प्रतिदिन दो बार इस ज्यूस का इस्तेमाल करें। यह Diabetes के लक्षणों  और उससे होने वाली कई सारि होने वाली समस्याओं बढ़ने से रोकता है। 

नीलबदरी :

आयुर्वेद में नीलबदरी के पौधों  का इस्तेमाल sugar ki bimari ka ilaj  के लिए कई सालो से होता आ रहा है। जरमोल ऑफ न्यूट्रिशन के मताअनुसार इसके पौधों में एंथोसाइनिडाइन्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। और वह चयापचय कीक्रिया और ग्लूकोज को बॉडी के अनेक अंगो तक पंहुचा ने का काम बहोत अच्छी तरह से करता है। 

सहिजन :

सहिजन के पौधों का सेवन करने से Diabetes के दर्दी  में खाना और इसका पाचन बेहतर बनाता है और रक्तचाप को बढ़ने से रोकने में सहायता करता है। 

नीम :

नीम के पौधों में मौजूद इंसुलिन रिसेप्टन सेंसिटिविटी बढ़ाने के साथ शिराओं और धमनियों में रक्त के प्रवाह को अच्छी तरह से काम करता है और वह Diabetes के लक्षण देखने मिले तो नीम के पौधोंका ज्यूस बनाकर इसका सेवन अवश्य करे। आयुर्वेद के मतानुसार नीम के पौधों का ज्यूस हररोज खाली पेट इसका सेवन जरूर करे। 

Questions

1. डायबिटीज की क्या पहचान है?

ऊर्जा की कमी से शरीर में थकान होती है। अगर आप भी बोर हो जाते हैं, तो अपना चेकअप करवाना अच्छा रहेगा। अत्यधिक भूख भी डायबिटीज का लक्षण हो सकता है। दरअसल, इंसुलिन के उत्पादन में अवरोध के कारण शरीर में मौजूद कोशिकाएं शरीर में मौजूद शर्करा को अवशोषित नहीं कर पाती हैं।

2. डायबिटीज में क्या न खाएं

आइए जानते हैं क्या बचें। डायबिटीज के रोगियों को इन फलों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि उनमें से कुछ में शर्करा अधिक होती है। उदाहरण के लिए, अंगूर, चेरी, अनानास, केले, सूखे मेवे और यहां तक ​​कि मीठे फलों के रस भी नहीं लेने चाहिए। छोटे अंगूर में लगभग एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है।

3. शुगर और डायबिटीज में क्या अंतर है?

अनसुलिन की कमी से रक्त में मौजूद कोशिकाएं इस हार्मोन के प्रति बहुत कम संवेदनशीलता दिखाती हैं। इसकी वजह से रक्त शर्करा का स्तर बढ़ना शुरू हो जाता है और व्यक्ति टाइप 2 डायबिटीज का शिकार हो जाता है। – जब हमारा अग्न्याशय इंसुलिन नामक एक हार्मोन बनाता है, तो हमारा रक्त शर्करा या ग्लूकोज प्रवाहित नहीं होता है।

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Disclaimer 

तो  फ़्रेन्ड उम्मीद करता हु की हमारा यह लेख डायबिटीज के लक्षण क्या हे आप को जरूर पसंद आया होगा तो दोस्त इसी तरह की जानकारी पाने के लिए हमरे साथ जुड़े रहिये और आपके मनमे कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताये