उच्च रक्तचाप को कम कैसे करे – उच्च रक्तचाप के लक्षण

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नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख उच्च रक्तचाप को कम कैसे करे और उच्च रक्तचाप के लक्षण तो आज के लेख में सभी जानकरी देंगे तो लेख को पूरा पढ़े। 

उच्च रक्तचाप – आपका हृदय धमनियों की सहायता से रक्त को पूरी बॉडी में भेजता है। बॉडी की धमनियों में प्रसरने वाले खून के लिए एक निश्चित दबाव की आवश्यक होता है।यह किसी कारण की वजह से दबाव ज्यादा अधिक हो जाता है उस समय धमनियों पर अधिक असर होता है

ऐसा दबाव बढ़ने के कारण धमनियों में खून का प्रवाह बनाय रखेने में कारण हृदय सामान्य काम करना पड़ता है। इस स्थिति को ज्यादातर रक्तचाप कहने है। हार्ड ब्लड प्रेशर एक गंभीर बीमारी कहते है। आपको बता दे की रक्त चाप के लक्षण क्या होते है और हार्ड प्रेशर होने पर मरीज को क्या खाना चाहिए और क्या खाना चाहिए इसके घरेलू  इलाज के लिए आपको कई टिप्स दिए गए है

उच्च रक्तचाप क्या है

जब भी कोई व्यक्ति असन्तुलिति भोजन और विहार का सेवन करने से यक्ति को कफ और मेद की बीमारी हो जाती है। कफ और मेद धमनियों में स्थान संश्रय करके धमनियों  में कठिनता का विकास करता है और वायु रक्त संवहन की क्रिया को आवश्यक गति प्रदान कर रक्तचाप को बढ़ा सकता है। 

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हाई बीपी के कारण

ज्यादा उच्च रक्तचाप असंतुलित जीवनशैली और आहार की वजह से तो होता ही है लेकिन  इसके अलावा भी कई कारण होते है। हाई बीपी का प्रमुख कारण मोटापा होना इस तरह के मोटापे के कारन व्यक्ति में bipi बढ़ने की समस्या साधारण व्यक्ति से ज्यादा होता है। हाई बीपी बढ़ने का कारण शारीरिक श्रम न करने का कारण भी हो सकता है

जिस व्यक्ति व्यायाम , खेल ,कूद  ,और इसमें से कोई क्रिया न करने से और आरामतरह का जीवन बिताते है इस व्यक्ति को रक्तचाप की समस्या बढ़ सकती है। जिस व्यक्ति में शुगर हृदय की बीमारी” किडनी की  बीमारी से जूझते है और जिन व्यक्ति में खून धमनिया कमजोर होती है उस व्यक्ति में हाई बीपी ज्यादा होती है। 

हाई बीपी बढ़ने का कारण ज्यादा नमकीन भोजन का सेवन करना और पिज्जा ,बर्गर , चाउमीन , मोमोज , आदि इसका ज्यादा सेवन करने से हाई बीपी का लेवल बढ़ता है। बीपी हाई वाले व्यक्ति ज्यादा धूम्रपान और शराब का ज्यादा सेवन करने से हाई बीपी का कारण बन जाते है। इसके अलावा प्रेंगनेंसी में गर्भवती स्त्री को हाई  bipi ज्यादा बढ़ने की समस्या हो सकता है। 

उच्च रक्तचाप के लक्षण

उच्च रक्तचाप को कम कैसे करे - उच्च रक्तचाप के लक्षण

निम्न रक्तचाप के लक्षण – उच्च रक्तचाप के होने के कारण हृदय से जुड़ी बीमारिया , गुर्देकी बीमारी , आंखे के कमजोर हो सकती है। ज्यादा रक्तचाप एक स्लो विष है जो धीरे-धीरे बॉडी के अंगो को खराब कर देता है। बीपी हाई को कंट्रोल में करने के लिए और इससे बचने के लिए ”इसके लक्षणों को जानना आवश्यक है। तो चलिए इसके लक्षणों को जानते है। 

  • हाई bipi के समय दौरान व्यक्ति को ज्यादा तेज सर दर्द होता है। 
  • हाई बीपी के समय दौरान व्यक्ति को ज्यादा थकावट और तनाव महसूस होता है।
  • हाई बीपी वाले व्यक्ति को सीने में दर्द होता है और भारीपन भी महसूस होता है। 
  • हाई बीपी वाले व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। 
  • हाई बीपी वाले रोगी को गभराहट का अनुभव होता है। 
  • हाई बीपी वाले रोगी को समझने में और बोलने में दिक्कत होती है। 
  • ज्यादा हाई बीपी वाले व्यक्ति के पाव सुन्न हो जाते है। 
  • हाई बीपी वाले रोगी को प्रायः बहुत ज्यादा कमजोर होने का अनुभव महसूस होता है।  
  • हाई बीपी वाले रोगी को आँखों की रोशनी कमजोर हो जाती है और उसे धुंधला दिखाई देता है। 

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हाई बीपी से कैसे बचे

उच्च रक्तचाप की आयुर्वेदिक दवा – हाई बीपी का मुख्य कारण असंतुलिन खाना और जीवनशैली हो सकता है। और अधिकतर लोगो को पता नहीं होता की हाई बीपी होने के उस समय क्या सेवन करना चाहिए और क्या नहीं। इस कारण हाई bipi के लक्षण जब जान पड़े उस समय से आप आपका आहार और जीवनशैली में कुछ बदलाव लाये क्युकी इस प्रकार इस बीमारी को कंट्रोल कर सके। 

”वजन बढ़ने” के कारण इसके साथ आमतौर  पर ब्लड प्रेसर भी बढ़ सकता है ज्यादा वजन होने के कारण सोने के समय सांस लेने में दिक्क्त होती है जिस कारन ब्लड प्रेसर ज्यादा बढ़ता है इसलिए ब्लडप्रेसर को कम करने के लिए आपका वजन घटाना होगा।उच्च रक्तचाप कम करने के लिए हररोज आधे घंटे तक व्यायाम करे। 

हाई bipi कम करने के लिए स्वस्थ आहार का सेवन जैसे की साबुन अनाज , फल , डेरी के प्रोडक्ट और फैट वाले खाने का सेवन से हाई बीपी कम करने में सहायत करता है। हाई बीपी वाले दर्दी को अपनी डाइट में मैग्नीशियम , कैल्शियम और पोटेशियम जैसे कई पदार्थ वाले भोजन का सेवन करना चाहिए। 

बीपी हाई कम करने के लिए दूध , हरी हरी सब्जिया , दाल , सोयाबीन , लहसुन , प्याज , संतरे का ज्यादा इस्तेमाल करे क्योकि इसके अंदर पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते है। हाई बीपी वाले दर्दी को हररोज मेवे के साथ 4 अखरोट और कुछ 5-6 बादाम का सेवन करने से  हाई बीपी को कंट्रोल करने में सहायता देता है। 

हाई बीपी वाले दर्दी को फलो में सेब , अमरूद , अनार , केला , अंगूर , अनानस , मोसम्बी , पपीता का सेवन करने से काफी फायदा होता है। उच्च रक्तचाप वाले दर्दी को हररोज सुबह खाली पेट लहसुन  की दो कालिया खाये। इसके अलावा खट्टे फल , निम्बू पानी , सुप , नारियल  का पानी , , सोया , अलसी , और काले चने का सेवन अवश्य करे। 

हाई बीपी वाले दर्दी को प्रतिदिन ज्यादा पानी का सेवन करे।  भोजन के लिए सोयाबीन तेल का सेवन करना चाहिए। हाई बीपी  के समय व्यक्ति को सलाद में प्याज टमाटर मूली गाजर खीरा गोभी का इस्तेमाल कर सकते है। हाई बीपी वाले दर्दी को बिना मलाई वाले दूध का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा व्यक्ति को डार्क चॉकलेट का सेवन फायदेमंद साबित होता है यह चॉकलेट हाई बीपी कम करने में सहायता करती है। 

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उच्च रक्तचाप के लिए आहार

उच्च रक्तचाप को कम कैसे करे - उच्च रक्तचाप के लक्षण

हाई bipi वाले दर्दी को आहार में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसके बारे जानना आवश्यक है आपको हाई बीपी के लक्षण पता चले तब आप इसका इस्तेमाल कर सकते है। 

  • हाई बीपी वाले दर्दी को नमक का सेवन कम करे। 
  • कोफ़ी और चाय का ज्यादा सेवन करने के कारण हाई बीपी का लेवल ज्यादा बढ़ता है। 
  • हाई बीपी वाले दर्दी को स्मोकिंग और शराब का ज्यादा सेवन न करे। 
  • बीपी हाई वाले दर्दी को बहार की चीजे का सेवन नहीं करना चाहिए जैसे की पिज्जा , बर्गर , आदि। 
  • हाई बीपी वाले दर्दी को बेकिंग सोडा के सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • हाई बीपी वाले दर्दी को भोजन करते समय ऊपर से नमक ना डाले। इसके अलावा पापड़ भी बिना नमक के सेवन करे। 
  • हाई बीपी वाले व्यक्ति को चटनी , आचार , अजीनोमोटो , बेकिंग पाउडर , सॉस खाने पर प्रतिबंध करना चाहिए। 
  • हाई बीपी वाले व्यक्ति को ज्यादा फैट वाला भोजन नहीं खाना चाहिए। 

जिस समय व्यक्ति सोता है उस वक्त बीपी कम होती है और अगर व्यक्ति पूरी मात्रा में नींद नहीं लेते तो हाई बीपी पर ख़राब प्रभाव पड़ता है। इस कारण जो लोग कम सोते है उन लोगो का हाई बीपी बढ़ने लगता है। हाई bipi वाले व्यक्ति को गुस्सा जानलेवा हो सकता है। जितना हो सके सके इतना तनाव

और गुस्से से दूर रहना चाहिए और प्रतिदीन मेडिटेशन और योगा करना अति आवश्यक है। ज्यादा मात्रा में मादक द्रव्यों का सेवन करने से हाई बीपी का प्रेसर बढ़ जाता है जिस कारण कुछ समय के बाद वजन बढ़ना प्रारंभ हो जाता है और इस कारण दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। 

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उच्च रक्तचाप के लिए घरेलू उपचार

उच्च रक्तचाप के उपचार को कंट्रोल करने के लिए और रोकने के लिए आप घरेलु नुस्खो का इस्तेमाल करते है। आप इस तरह आप घरेलु नुस्खे आजमाकर इस बीपी हाई को कंट्रोल कर सकते है। 

इलायची :

इलायची के माध्यम से हाई बीपी को कंट्रोल में किया जा सकता है। इलाइची में मौजूद  फाइटोन्यूट्रीएंट्स बॉडी को अधिक मात्रा  में  पेशाब करके रक्त को संतुलित बनाने में सहायता करता है। जिस कारण हाई प्रेसर को कंट्रोल में कर सकते है। इलायची को चाय में मिलाकर इसका सेवन कर सकते है या फिर इसका खाना बनाते वक्त मसाले के तौर पर इसका का सेवन कर सकते है। या फिर इलायची के दाने छिलके सहित चबा कर इसका सेवन कर सकते है। 

अलसी के बीज :

हाई बीपी को कंट्रोल में करने के लिए अलसी के बीजो का इस्तेमाल कर सकते है। अलसी के बीजो में ओमेगा 3 फैटी तत्व पाया जाता है। यह अलसी के बीज हृदय से जुडी समस्या से बचाने में सहायता करता है। अलसी के बीजो में दूसरा लिगनन पाया जाता है और वह ब्लड प्रेसर को बढ़ने से रोकता है।

आप अलसी के बीजो का पाउडर बनाकर रोटी में या पराठे में मिलाकर इसका सेवन कर सकते है। आप चाहे तो अलसी के बीजो को सलाद में मिलाकर या फिर स्मूदी में मिक्स करके इसका सेवन कर सकते है या फिर  इसको चबाकर भी खा या जा सकता है।

अजवाइन :

अजवाइन के सेवन करने से उच्च रक्तचाप को बढ़ने से रोकता है इसलिए आपके भोजन में अजवाइन का सेवन अवश्य करे। आप अजवाइन को पानी के साथ भी इसका  सेवन किया जाता है। अजवाइन के दानो थाइमोल जैसे पदार्थ  है जो हाई bipi को कंट्रोल करने में मदद करते है यह अजवाइन रक्त के वेसेल में कैल्शियम जमने रोकता है। इससे वेसेल को कोई नुकशान नहीं होता। और हाई बीपी को रोकने में मदद करता है। 

लैवेंडर :

लैवेंडर एक ठंडा पदार्थ पाया जाता है इस कारण इसका सेवन करने से हाई बीपी को कम करने में सहायता करता है। लैवेंडर का सेवन करने से बेचैनी कम करता है। लेवेंडर के सेवन से सिकुड़ी हुवी धमनियों को नरम करता है जिससे हाइपरटेंशन से जुड़े व्यक्तियो को आराम प्रदान करता है। हररात सोने से पहले लैवेंडर की चाय बनाकर पिने से बहोत फायदा होता है। व्यक्ति को तनाव दूर करने के लिए लैवेंडर के तेल की मालिश करने से फायदेमंद रहता है। 

अजमोद :

अजमोद पोटेशियम तत्व से भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अजमोद को अंग्रेजी में सेलेरी के नाम से पहचाना जाता है। एक शोध के अनुसार इसकी मूत्रवर्धक क्रिया को बीपी हाई के प्रेसर को कम करता है। परन्तु l d l कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने सहायता करता है। आप अजमोद की स्मूदी बनाकर भी इसका सेवन कर सकते है। अजमोद को खाने में सजावट के तौर पर इसका उपयोग कर सकते है। 

ग्रीन टी :

ग्रीन टी का प्रतिदिन इस्तेमाल करने से हाइपरटेंशन वाले व्यक्ति को खतरा कम करने में सहायता करता है। ग्रीन टी के सेवन करने से  मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कई तरह की अन्य बीमारिया दूर रखने में सहायता करता है। 

uchch raktachaap ko kam kaise kare video

Questions

1 . उच्च रक्तचाप का क्या कारण है?

उच्च रक्तचाप एक वैज्ञानिक शब्द है जिसका उपयोग उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए किया जाता है। कुछ बीमारियां कोलेस्ट्रॉल को धमनियों पर जमा करती हैं और उनके लुमेन को संकुचित करती हैं, जिससे उनकी दीवारों पर दबाव बढ़ जाता है।

2. उच्च रक्तचाप का क्या कारण है?

उच्च रक्तचाप के रोगियों को भी चीनी या मिठाई से बचना चाहिए। बहुत अधिक चीनी खाने से मोटापा बढ़ सकता है, जो उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए हानिकारक है। उच्च रक्तचाप वाले रोगियों के लिए अतिरिक्त नमक कम विषाक्त नहीं है। अत्यधिक नमक के सेवन से उच्च रक्तचाप और दिल की समस्याएं हो सकती हैं।

3. कैसे यह मिनटों में रक्तचाप को कम करने?

तनाव से दूर रहने की कोशिश करें। आपको खाने-पीने में भी सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे कि खाने में सोडियम खाने से बचें और ज्यादा नमक न खाएं क्योंकि सोडियम और नमक आपके रक्तचाप को बढ़ाते हैं। नींबू का रस लें क्योंकि यह उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करता है।

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Disclaimer 

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